वाराणसी। देश के पहले मॉडल ब्लाक सेवापुरी की तर्ज पर वाराणसी के सभी आठ ब्लाकों को विकसित करने की तैयारी है। सेवापुरी के बाद बचे हुए सात ब्लाकों को दो चरणों में विकसित करने की योजना है। अहम बात यह है कि नीति आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बाकी ब्लाकों को जिला प्रशासन अपने साधन से विकसित करेगा। दिसंबर से काशी विद्यापीठ और आराजी लाइन ब्लाक के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान जिला प्रशासन शुरू करेगा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आंगनबाड़ी केंद्रों को अत्याधुनिक बनाने की पहल पर जिला प्रशासन ने जिले के सभी केंद्रों की रिपोर्ट तलब की है। इसमें छह सौ से ज्यादा गांवों में सुविधाओं के साथ लोगों के जीवन स्तर में सुधार का प्रयास होगा। पहले चरण में आराजी लाइन और काशी विद्यापीठ विकास खंड कार्यालय पर सभी सूचनाओं को अपडेट किया जा रहा है। यहां पंचायतों में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत भवन निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन समेत राज्य वित्त व पंद्रहवें वित्त निधि द्वारा कराए गए विकास कार्यों को अपडेट किया जा रहा है। साथ ही विकास खंड में सृजित पद की तुलना में कर्मचारियों की तैनाती जैसी सूचनाएं भी जुटाई जा रही हैं। इसके बाद चोलापुर, चिरईगांव, बड़ागांव, पिंडरा, हरहुआ में मार्च 2021 से काम शुरू होगा। इसके के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है और इसी सप्ताह तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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सुविधाओं से लैस होंगे गांव
वाराणसी का यह मॉडल पूरे देश में लागू करने की तैयारी है। आदर्श विकास खंड के गांवों की सारी गलियों में खड़ंजे, सारी नालियां पक्की व साफ सुथरी, हर जगह गंदगी व कचरे का निस्तारण, सौर ऊर्जा से बिजली, गोबर से बिजली, हर घर में शौचालय, सामुदायिक शौचालय, निराश्रित गोवंश के आश्रयस्थल की बेहतर व्यवस्था आदि काम तेजी से करवाए जाएंगे। वहां बिजली, पेयजल आपूर्ति व अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
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नीति आयोग सेवापुरी ब्लाक में काम करेगा। इसके बाद सात ब्लाक जिला प्रशासन विकसित करेगा। इसके लिए दो चरणों में कार्ययोजना बनाई गई है। दिसंबर में दो और मार्च में पांच ब्लाक में काम शुरू कराया जाएगा।
कौशलराज शर्मा, जिलाधिकारी
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