कार्तिक पूर्णिमा के दिन शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली के मौके पर भगवान भोलेनाथ की नगरी काशी देवताओं के स्वागत के लिए दीपों की रोशनी को जगमग हो रही है। पूर्णिमा की रात में बनारस के सभी 84 घाटों सहित 36 कुंडों की रौनक देखते बन रही है।
काशी में सिर्फ घाट ही नहीं बल्कि मकानों, दुकानों और सड़कों पर भी लोग दीप जलाकर देवी देवताओं का स्वागत कर रहे हैं। शाम के साथ साथ ही यहां का नजारा अलौकिक होने लगा है। देव दीपावली को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए इस बार घाटों पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
राजघाट से अस्सी के बीच दीपों की जगमगाहट के साथ ही काशी की धर्म, कला और संस्कृति भी झलक भी देखने को मिल रही है। इसके लिए संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग ने खास तैयारियां की हैं। 16 घाटों पर संस्कृति विभाग की ओर से एकल और समूह नृत्य का आयोजन किया जा रहा है।
इस बार सबसे खास बात यह है प्रशासन गंगा के दूसरी तरफ भी दीप दीपावली का आयोजन कर रहा है। प्रदेश के अलग अलग शहरों से जुड़ी पंरपंराओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही काशी के नृत्य और संगीत की झलक दिखाई दे रही है।
चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
जगमग घाट
- फोटो : amar ujala
देव दीपावली पर राजघाट से सामने घाट के बीच के गंगा घाटों की निगहबानी तीन ड्रोन कैमरों की मदद से की जा रही है। वहीं, गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों की निगरानी 49 स्थायी और 80 अस्थायी सीसी कैमरों से की जाएगी। गंगा घाटों को तीन जोन और आठ सेक्टर में बांट कर तीन एडिशनल एसपी और आठ डिप्टी एसपी तैनात किए गए।
साथ ही, 25 थानेदार जिले के और 10 थानेदार गैर जनपद के, 150 सब इंस्पेक्टर, 100 हेड कांस्टेबल, 600 कांस्टेबल, तीन कंपनी पीएसी, एक कंपनी पीएसी बाढ़ राहत दल, जल पुलिस और 11 एनडीआरएफ के जवान मोटरबोट के साथ गंगा में तैनात है।
गंगा घाटों पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम मौजूद है। इसके अलावा खुफिया इकाइयों और पुलिस के 150 जवान सादे कपड़ों में राजघाट से सामने घाट के बीच गंगा घाटों पर तैनात किए गए हैं।