Varanasi News: इस बार सीजन में तीन बार बाढ़ से दिक्कतें ज्यादा हो गईं। ज्यादा समय तक घाटों के किनारे पानी भी रहा। गंगा का जलस्तर घटने से जमी मिट्टी और काई भी अब दिखने लगी है।
इस बार देव दीपावली 5 नवंबर को है। मात्र 25 दिन बचे हैं। ऐसे में 84 घाटों पर जमी सिल्ट हटाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। जबकि नगर निगम की ओर से केवल 12 पंप सफाई के लिए लगाए गए हैं। सभी घाटों को पूरी तरह साफ करने के लिए स्थानीय समाजसेवी संगठनों से सहयोग की अपील भी की जा रही है ताकि अधिक से अधिक घाट साफ हो सकें।
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गंगा का जलस्तर घटने से किनारों पर जमी मिट्टी और काई अब खुलकर दिखाई दे रही है। जिससे घाटों पर फिसलन बढ़ गई है। इसे समय रहते साफ नहीं कराया गया तो श्रद्धालु दीपदान या पूजा-अर्चना करने घाटों पर उतरेंगे, तो वे फिसलेंगे। फिलहाल नगर निगम ने घाटों की सफाई के लिए 12 पंप लगाकर मिट्टी और गाद हटाने का काम शुरू किया है, लेकिन सफाई की गति बेहद धीमी बताई जा रही है।
कई प्रमुख घाटों पर सिल्ट है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सफाई अभियान को तेज नहीं किया गया, तो देव दीपावली पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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निगम के पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि 12 पंप लगाकर घाटों की सफाई कराई जा रही है। आने वाले दिनों में पंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही देव दीपावली से पहले सभी घाटों को चमकाया जाएगा। इसके पूर्व डाला छठ पर पूजा वाले घाट साफ हो जाएंगे।