मीटिंग लेते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य।
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लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद मंगलवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आजमगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा ली। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पुलिस लाइन परिसर में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही वह अतरौलिया के एक शादी समारोह में भाग लेने जाएंगे।
इस दौरान भाजपाओं के निशाने पर एसपी सिटी और एसडीएम लालगंज निशाने पर रहे। इन दोनों अधिकारियों के अलावा कुछ अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे तक नेताओं से चर्चा करने के बाद रवाना हो गए।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। लोकसभा चुनाव में जिले की दोनों सीट गंवाने के बाद पार्टी के अंदर भीतरघात चरम पर था। हार के लिए पार्टी प्रत्याशी एक दूसरे की कमी को सार्वजनिक कर रहे थे। उधर सरकार बनने के बाद विकास का मुद्दा शीर्ष पर होने की वजह से डिप्टी सीएम अपने जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को आए। दोपहर को पुलिस लाइन परिसर में उनका हेलीकाप्टर उतरा।
पुलिस सभागार में पहले से मौजूद पार्टी पदाधिकारियों के साथ सबसे पहले बैठक की। इस दौरान पार्टी नेताओं ने डिप्टी सीएम के समक्ष 12 मई को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के दिन फर्जी वोट डालने के विवाद में एसपी सिटी कमलेश बहादुर द्वारा तरवां के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता की जाति पूछकर लाठी मारी। इससे लोगों में आक्रोश है।
इसकी शिकायत पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू आदि की तरफ से उच्चाधिकारियों शिकायत की गई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर लोगों ने जल्द कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा लालगंज तहसील में एसडीएम के खिलाफ अधिवक्ताओं के छिड़े आंदोलन की वजह से आमजन को होने वाली परेशानियों को उठाया गया। बैठक में मौजूद अन्य पदाधिकारियों की तरफ से भी क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकार डालते हुए निराकरण की मांग की गई। सबकी सुनने के बाद डिप्टी सीएम ने जल्द कार्रवाई का भरोसा देते हुए चले गए।