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संघ का झंडा उखाड़ने के मामले में कुलपति के पास पहुंची इस्तीफे की फाइल, सपा के समर्थन से गरमाया मामला

Mon, 18 Nov 2019 10:40 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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आरएसएस के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर में बीएचयू साउथ कैंपस के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में संघ का ध्वज निकालने के मामले में डिप्टी चीफ प्राक्टर के इस्तीफे की फाइल कुलपति तक पहुंच गई है। चीफ प्राक्टर की ओर से फाइल को आगे बढ़ाया जाना इस बात का संकेत करता है कि इस्तीफा मंजूर होना तय है। नहीं तो चीफ प्राक्टर फाइल को वापस आचार्य प्रभारी को भेज देते। इधर, प्रियंका गांधी के ट्वीट और समाजवादी पार्टी की ओर से किरण दामले के समर्थन में प्रदर्शन से मामला काफी गरमाया हुआ है।

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राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के खेल मैदान में 12 नवंबर की सुबह संघ की शाखा के दौरान लगे झंडे को डिप्टी चीफ प्रॉक्टर द्वारा उखाड़ने पर स्वयं सेवकों ने इस्तीफे की मांग करने के साथ ही देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।

किरण दामले के समर्थन में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी के ट्वीट ‘मालवीय जी के अंगने में शाखा का क्या काम है? सारे कानून तोड़ना आरएसएस का काम है’ से मामला गर्मा गया। समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों ने भी किरण दामले के पक्ष में सोमवार को प्रदर्शन कर मुकदमा वापस लेने की मांग की।

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उधर, आचार्य प्रभारी प्रो रमादेवी निम्मान्नापल्ली ने  किरण दामले के इस्तीफे की फाइल और उन्हें प्रॉक्टोरियल बोर्ड से हटाकर एग्री बिजनेस असिस्टेंट प्रोफेसर दीपिका कौर के नाम की संस्तुति भेजी है। मामले में फाइल चीफ प्रॉक्टर ओपी राय के पास पहुंच गई। सोमवार को उन्होंने फाइल को कुलपति के पास भेज दिया है। इससे माना जा रहा है कि किरण दामले का इस्तीफा होना तय है।

आचार्य प्रभारी प्रो रमादेवी निम्मान्नापल्ली ने बताया कि इस्तीफे और नए प्रॉक्टोरियल बोर्ड की फाइल चीफ प्रॉक्टर ओपी राय को भेजी गई थी। फाइल कुलपति के पास पहुंच गई है। वहां से जल्द निर्णय आएगा।
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आरएसएस के जिला कार्यवाह चंद्रमोहन ने बताया कि किरण दामले ने ध्वज निकालकर भावना को आहत किया था। नियमानुसार इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जो लोग विरोध कर रहे है। उसका कोई मतलब नहीं है।
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