बीएचयू विधि संकाय के महामना सभागार में अंतर-संकाय युवा संसद वाग्दक्ष के समापन सत्र का आयोजन हुआ
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बीएचयू विधि संकाय के महामना सभागार में शनिवार को अंतर-संकाय युवा संसद वाग्दक्ष 26 के समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया गया। संकाय की युवा संसद समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के हाथों सम्मानित होकर विद्यार्थी बहुत खुश दिखे।
समापन समारोह में कुलपति ने कहा कि युवा संसद के माध्यम से कक्षा और पाठ्यपुस्तक आधारित सीख से आगे बढ़कर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के बाद के जीवन के लिए तैयार होने की जानकारी मिलती है। कुलपति ने संसद को लोकतंत्र के प्रति गौरव का प्रतीक बताते हुए लोकतांत्रिक विमर्श में अक्सर उत्पन्न होने वाली दुविधाओं पर बात रखी। कहा कि कई बार जनता का ध्यान उस दिशा से भटका दिया जाता है, जिस प्रकार लोकतंत्र को कार्य करना चाहिए। ऐसे समय में हमें यह याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र आपको अपनी बात रखने का अधिकार देता है, और यदि हमें व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करना है तो हमें सर्वसम्मति तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के पूर्व कुलपति प्रो.हरिकेश सिंह ने कहा कि महामना जी का स्मरण और उनके आदर्शों का अनुसरण विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ एवं सदाचारी मानव बनने में सहायता करेगा। विधि संकाय में युवा संसद समिति के समन्वयक डॉ.गोपाल कृष्ण शर्मा ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की और युवा संसद के परिणाम घोषित किए। इस दौरान प्रो. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, प्रो. आरती निर्मल, प्रो. अनुराग दवे आदि लोग मौजूद रहे।