विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में एक महिला कर्मचारी अस्थायी रूप से रसोई में कार्यरत थी। वर्तमान में उसे बालिका छात्रावास में साफ-सफाई के लिए लगाया गया था। प्राचार्य के अनुसार, महिला का आरोप है कि मेस में तैनात एक कर्मचारी ने उसके साथ छेड़खानी की।
महिला ने इसकी शिकायत दो दिन पूर्व जीयनपुर कोतवाली में की थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार सुबह छह बजे बालिका छात्रावास की लड़कियों ने महिला के समर्थन में खुद को अपने हॉस्टल के चार कमरे में बंद कर लिया। इसी तरह लड़कों ने भी अपने हॉस्टल के चार कमरे में खुद को बंद कर लिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपी को हटाया नहीं जाएगा और महिला को रखा नहीं जाएगा, तब तक वे दरवाजा नहीं खोलेंगे। प्राचार्य ने इसकी सूचना एसडीएम को दी।
नाराज छात्राओं से बातचीत करती पुलिस।
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सूचना पाकर एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय, सीओ सगड़ी देशराज सिंह, एसडीएम लालगंज नेहा मिश्रा, सीओ लालगंज आस्था जायसवाल समेत अन्य अधिकारी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारी छात्र-छात्राओं को समझाने में जुटे रहे।
अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो करीब छह घंटे बाद विद्यार्थियों ने दरवाजा खोला। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने मामले की विभागीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही अधिकारियों ने मेस में जाकर छात्राओं के साथ भोजन किया। इसके बाद अधिकारी छात्रों के हॉस्टल में भी गए और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जो भी शिकायत है, उसे दूर किया जाएगा।
महिला ने एक कर्मचारी पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं भी उसके समर्थन में खुद को कमरे में बंद कर लिया था। सूचना पर सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों को समझाया गया। इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी
महिला खुद को सरकारी कर्मचारी मान रही थी। उसे डर था कि उसे नौकरी से हटा दिया जाएगा। इसी वजह से उसने कर्मचारी पर गलत आरोप लगाया था। जब कार्रवाई नहीं हुई तो महिला ने छात्र-छात्राओं को भड़काया और प्रदर्शन कर अपनी बात मनवाने की योजना बनाई। मामले की विभागीय जांच होगी, इसके बाद जो भी कार्रवाई होगी, वह विभाग करेगा। - संजय कुमार सिंह, जीयनपुर कोतवाल