जीआई उत्पादों की तैयारी करतीं महिला कारीगर।
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सबको पसंद आ रही आकर्षक डिजाइन
इसके अलावा मोर, हाथी, शंख, ऑर्नामेंट आदि की डिमांड भी ज्यादा है। सिर्फ दीपावली में ही देश और विदेश से गुलाबी मीनाकारी के शिल्पियों के पास लगभग 4 से 5 करोड़ का ऑर्डर है। इसके अलावा हस्तशिल्पियों को साल भर के लिए भी अच्छा आर्डर मिला है। सोने,चांदी और हीरे के काम के होने के कारण ग़ुलाबी मीनाकारी के उत्पाद की क़ीमत हजारों से लेकर लाखों तक होती है।
हस्तशिल्पी बाबू सोनी, लोकेश सिंह बताते हैं कि कॉरपोरेट कंपनियां उपहार देने के लिए बल्क में आर्डर देती है। दीपावली के समय बाज़ार में ग़ुलाबी मीनाकारी के उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसे पूरा करने मे महिलाओं और लड़कियों की ख़ास भूमिका होती है।
पढ़ाई और घर के कामों के साथ महिलाएं हस्तकला कला के इस नायब हुनर से आत्मनिर्भर बन रही है। हस्तशिल्पी विजय कुमार ने बताया कि वे सरकार की मदद से गुलाबी मीनाकारी के क्राफ्ट को बढ़ाने और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर चलने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम में महिलाओं को प्रशिक्षण देते रहते हैं।
कैलिफोर्निया में रहने वाली एनआरआई मधु गुप्ता का अपना स्टोर है। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने भारत की हस्तशिल्प कला को पुनः विदेशों तक पहुंचा दिया है। गुलाबी मीनाकारी जैसी सदियों पुरानी हस्तशिल्प कला की विदेशों में मांग बढ़ती जा रही है। दीपावली में गिफ्ट देने के लोग लिए इसे पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसकी डिमांड को देखते अपने स्टोर के लिए पहले ही आर्डर कर दिया था।