होली के बाद दिल्ली लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। नियमित और स्पेशल ट्रेनों में अगले सात-आठ दिन तक कंफर्म सीट नहीं है। तत्काल में भी यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है। सिर्फ दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में कंफर्म सीटें मिल रही हैं। हालांकि, वंदे भारत का किराया इतना अधिक है कि आम यात्री उसमें सवार नहीं हो पा रहे हैं।
वाराणसी समेत आसपास जिलों के लोगों के लिए दिल्ली जाने के लिए सबसे मुफीद ट्रेन शिवगंगा, काशी विश्वनाथ, बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट, सद्भावना, श्रमजीवी, महामना, लिच्छवी, स्वतंत्रता सेनानी, फरक्का के किसी भी श्रेणी में कंफर्म सीट नहीं हैं।
26 मार्च तक सीटें वेटिंग हैं। शिवगंगा, बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट के लिए डीआरएम ऑफिस के कामर्शियल विभाग में कोटे भी खूब आ रहे हैं। एक दिन में 150 से 200 तक कोटा पहुंच जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि वंदे भारत में पर्याप्त सीटें हैं।
इसके अलावा मऊ से 20 मार्च को खुलने वाली 05301 मऊ-अंबाला कैंट स्पेशल के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में 1, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी में 75 और वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में 89 बर्थ उपलब्ध हैं। वहीं 27 मार्च को इसी ट्रेन के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में दो, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी में 99, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में 330 और वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी श्रेणी में 115 बर्थ उपलब्ध है।