उन्होंने बताया, तीन स्तरों पर होने वाले मूल्यांकन में बायोमेडिकल वेस्ट का प्रबंधन, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का सक्रिय संचालन, बाउंड्री वॉल से बाहर की सफाई व्यवस्था, अस्पताल में पौधरोपण, पेयजल की गुणवत्ता और उपलब्धता आदि को शामिल किया गया है।
सोलर पैनल, एलईडी बल्ब, बेहतर रेटिंग इलेक्ट्रिक सामान, बिना प्रयोग के कंप्यूटर व विद्युत उपकरण बंद रखने, प्लास्टिक पर प्रतिबंध, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कूड़ा-कचरा प्रबंधन सहित सभी मानकों पर अस्पताल खरा उतरा है।