रोपवे निर्माण के लिए जमीन का बैनामा 10 जून तक करा लिया जाएगा। अब तक 90 फीसदी जमीन का बैनामा हुआ है। सबसे पहले निजी संपत्तियों का बैनामा कराया जा रहा है, फिर सरकारी संपत्तियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया पूरी होगी। पहले चरण में कैंट से भारत माता मंदिर तक रूट तय किया गया है। इसमें कैंट और काशी विद्यापीठ स्टेशन बनवाए जाएंगे। इसके बाद भारत माता मंदिर से रथयात्रा और लक्सा तक के रूट पर काम होगा। हालांकि अंतिम चरण में लक्सा से गोदौलिया का काम कराया जाना है। अभी काशी विद्यापीठ और रथयात्रा के पास निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बैरिकेडिंग का काम चल रहा है। पिलर बनाने के लिए जमीनों का अधिग्रहण होना है। कैंट से गोदौलिया के बीच की सरकारी जमीन निशुल्क मिलेगी। इसके लिए पंजीकृत करारनामा के जरिये अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाएगा। इस योजना के लिए 40 संपत्तियां ली जा रही हैं। इनमें 18 संपत्तियां निजी हैं।
कोट
रोपवे निर्माण का काम चल रहा है। विद्यापीठ और रथयात्रा के पास बैरिकेडिंग कराई जा रही है। 90 फीसदी जमीन का बैनामा हो गया है। 10 जून तक बाकी जमीन का बैनामा करा लिया जाएगा। यह परियोजना 2025 तक पूरी होगी।- अभिषेक गोयल, उपाध्यक्ष वीडीए
एक नजर मं आंकड़े
कुल जमीन 1.59 हेक्टेयर
निजी जमीन 0.96 हेक्टेयर
सरकारी जमीन 0.63 हेक्टेयर
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निर्माण केलिए आवश्यक जमीन
एक टावर केलिए 36 वर्ग मीटर
बेसेंट थियोसाफिकल सोसाइटी 4000 वर्ग मीटर
भारत माता मंदिर - 3600 वर्ग मीटर
कैंट और गोदौलिया 3000 वर्ग मीटर