वाराणसी के निजी अस्पतालों में कहीं चिकित्सक नहीं हैं तो कहीं अस्पताल का पंजीकरण नहीं कराया गया है। मंगलवार को छित्तूपुर क्षेत्र में एक ऐसा अस्पताल संचालित होता मिला, जिसके बोर्ड पर मृत डॉक्टर का नाम दर्ज था। यहीं नहीं इसका पंजीकरण भी नहीं था। सीएमओ ने अस्पताल को बंद कराकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए लंका में तहरीर दी।
निजी अस्पताल संचालन में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कहीं चिकित्सक नहीं हैं तो कहीं अस्पताल का पंजीकरण नहीं कराया गया है। मंगलवार को छित्तूपुर क्षेत्र में एक ऐसा अस्पताल संचालित होता मिला, जिसके बोर्ड पर मृत डॉक्टर का नाम दर्ज था। यहीं नहीं इसका पंजीकरण भी नहीं था। सीएमओ ने अस्पताल को बंद कराकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए लंका में तहरीर दी।
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लंका थाना क्षेत्र के छित्तूपुर क्षेत्र में एसएमएस हेल्थ केयर हॉस्पिटल के संचालन में लंबे समय से लापरवाही की शिकायत मिल रही थी। बिना किसी चिकित्सक के ही यहां मरीजों को भर्ती किया जा रहा था। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि काशी विद्यापीठ ब्लॉक के छित्तूपुर निवासी दासमती देवी ने एसएमएस हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत की थी। यहां औचक निरीक्षण करने पर लापरवाही पकड़ी गई। इसमें मौके पर सुरेंद्र नाम का व्यक्ति मिला जबकि अस्पताल के बोर्ड पर डॉ. एसपी सिंह का नाम दर्ज था, पूछताछ में पता चला कि डॉ. सिंह की मृत्यु छह माह पहले हो चुकी है। ऐसे में नाम का दुरुपयोग कर अस्पताल चलाया जा रहा था। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में भर्ती दो मरीजों को दूसरी जगह भर्ती कराया गया।