मिर्जापुर के चूना दरी और लखनिया दरी में रविवार को नहाने के दौरान डूबे तेलियाबाग निवासी अभिषेक सिंह (21 वर्ष) और रामकटोरा निवासी निखिल यादव (22 वर्ष) का शव सोमवार देर शाम घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। रामकटोरा स्थित घर पर निखिल का शव पहुंचते ही मां यह कहते हुए बेहोश हो गई कि हे विंध्याचल मइया, हमरे ललनवा के संगे ई का हो गईल, कईसे अब हम जीयब...। यह दृश्य देख मौजूद हर किसी की आंखें डबडबा गई। रात नौ बजे के बाद दोनों का मर्णिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
चेतगंज थाना अंतर्गत रामकटोरा निवासी निखिल यादव के पिता विनय नारायण यादव की मौत एक साल पहले हो गई थी। अपने छोटे भाई बाबू और मां के साथ रहता था। नितिन का शव जब देर शाम घर पहुंचा तो फिजा एकदम से गमगीन हो उठी। निखिल के परिवार से सिर्फ चीत्कारें सुनाई दे रही थीं। मुहल्ला एकदम से शांत था। मां को संभालना मुश्किल था। निखिल रामकटोरा क्षेत्र में ही शॉकर की दुकान चलाता था।
उधर, मेडिकल की दुकान पर काम करने वाले अभिषेक सिंह का शव जब तेलियाबाग स्थित घर पहुंचा तो पिता रमेश विश्वकर्मा सहित अन्य परिजन दहाड़े मारकर बिलखने लगे। दो भाईयों में सबसे बड़ा अभिषेक ही घर परिवार का सहारा था। रात नौ बजे के बाद दोनों का मर्णिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। कैंट थाना के तेलियाबाग निवासी अभिषेक विश्वकर्मा अपने दोस्तों सोनू चौरसिया, विकास उपाध्याय निवासी सेनपुरा, चेतगंज और अजय कुमार भारती निवासी बादशाह बाग कॉलोनी सिगरा के साथ रविवार सुबह बाइक से विंध्याचल मंदिर दर्शन पूजन के लिए निकला था और चूना दरी स्थित झरने में नहाने के दौरान डूब गया।