वाराणसी समेत कानपुर, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया और कई शहरों में बीते दिनों बड़ी संख्या में गंगा नदी के किनारे सैकड़ों की संख्या में शव मिले थे। गंगा किनारे शवों को दफनाया भी गया है। दाह संस्कार भी बड़ी संख्या में हुए हैं। इसके बाद गंगा में जल प्रदूषण की आशंका बढ़ी है।
इस वजह से केंद्र सरकार ने काउंसिल फॉर साइंटिफिक इंडस्ट्रियल रिसर्च इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च लखनऊ की संयुक्त टीम को काशी, प्रयागराज और कानपुर में गंगा के पानी की जांच और उसकी गुणवत्ता परखने के लिए लगाया है। वाराणसी से पटना के बीच की भी सैंपलिंग कराई जा रही है।