यूपी के मिर्जापुर जिले में पुलिस हिरासत के दौरान पिटाई से आदिवासी युवक की मौत मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को सजा सुनाई है। अपर सत्र विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट भगवती प्रसाद सक्सेना ने आठ जुलाई 2013 को मड़िहान के पटेहरा पुलिस चौकी में इट घटना के मामले में एक दरोगा, सिपाही व अन्य आदिवासी को दोष सिद्ध पाया।
कोर्ट ने दरोगा राजाराम यादव को दस वर्ष, सिपाही वरीसन प्रसाद को पांच वर्ष तथा नेबुल कोल को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। अभियोजन के अनुसार मड़िहान थाना क्षेत्र के रामपुर पड़रिया कला गांव निवासिनी एवं वादी मुकदमा निशा देवी पत्नी स्व.महेश कुमार कोल ने मड़िहान थाने में आठ जुलाई 2013 को तहरीर दी थी।
जिसमें आरोप लगाया कि उसके पति महेश को नेबूल के इशारे पर पटेहरा चौकी की पुलिस उठा ले गई। वहां पर उसे काफी प्रताड़ित किया गया। चौकी प्रभारी राजाराम यादव तथा अन्य सिपाहियों ने उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई थी।