फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस कस्टडी में आदिवासी युवक की मौत, दरोगा को 10 व सिपाही को पांच साल की जेल

Thu, 19 Jul 2018 01:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी के मिर्जापुर जिले में पुलिस हिरासत के दौरान पिटाई से आदिवासी युवक की मौत मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को सजा सुनाई है। अपर सत्र विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट भगवती प्रसाद सक्सेना ने आठ जुलाई 2013 को मड़िहान के पटेहरा पुलिस चौकी में इट घटना के मामले में एक दरोगा, सिपाही व अन्य आदिवासी को दोष सिद्ध पाया।
विज्ञापन


कोर्ट ने दरोगा राजाराम यादव को दस वर्ष, सिपाही वरीसन प्रसाद को पांच वर्ष तथा नेबुल कोल को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। अभियोजन के अनुसार मड़िहान थाना क्षेत्र के रामपुर पड़रिया कला गांव निवासिनी एवं वादी मुकदमा निशा देवी पत्नी स्व.महेश कुमार कोल ने मड़िहान थाने में आठ जुलाई 2013 को तहरीर दी थी।

जिसमें आरोप लगाया कि उसके पति महेश को नेबूल के इशारे पर पटेहरा चौकी की पुलिस उठा ले गई। वहां पर उसे काफी प्रताड़ित किया गया। चौकी प्रभारी राजाराम यादव तथा अन्य सिपाहियों ने उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

12 गवाहों ने दिया बयान

महिला की तहरीर पर पुलिस ने धारा 302, 201 व 342 भादस एवं 3,2,5 एससी एसटी एक्ट के तहत अभियुक्त राजाराम यादव चौकी इंचार्ज पटेहरा एवं समस्त चौकी स्टाफ तथा नेबुल  के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

अभियोजन की तरफ से अभियोजन अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने 12 गवाह प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने दारोगा राजाराम यादव, सिपाही वरीसन प्रसाद व नेबुल कोल को धारा 306/34 आईपीसी  में प्रत्येक को पांच वर्ष की सजा के साथ पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।

वहीं धारा 342 में दारोगा राजाराम व सिपाही वरीसन प्रसाद को छह माह कारावास व पांच सौ रुपया अर्थदंड तथा चौकी प्रभारी रहे दारोगा राजाराम यादव को धारा 3,2,5 एससी एसटी के तहत दस वर्ष का कठोर कारावास और एक हजार के रुपये के अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें