फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘आज जाने की जिद ना करो...’

Tue, 20 Sep 2016 01:58 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
दरभंगा घाट स्थित बृजरमा पैलेस में सोमवार की शाम गीतों-गजलों से तर-ब-तर हुई। बांग्लादेश की प्रसिद्ध गायिका डॉ. नासिद कमाल के गायन के बाद अंजना नाथ ने गजलों, सूफी भजनों से समा बांधा। इससे पहले जाने माने चित्रकार जितिन दास की अगुवाई में चित्रकला कार्यशाला में बनारस के घाटों पर आधारित पेंटिंग उकेरी गई। इस कार्यशाला के जरिए सार्क देशों के बीच बेहतर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन


शाम सात बजे शुरुआत हुई डॉ. नासिद के गायन से। इनके बाद अंजना नाथ ने मुझसे भूल हो गई है अल्लाह-अल्लाह...के बोल से गायन की शुरुआत की। दूसरी बंदिश के बोल थे-जा जा रे पागल मनवां....। अंत में गजल की बंदिश- आज जाने की जिद ना करो/ मेरे पहलू में बैठे रहो...को सुनाकर उन्होंने खूब तालियां बटोरीं। तबले पर पं. कुबेर नाथ मिश्र, बांसुरी पर अतुल शंकर ने संगत की। संचालन विनोद सिंह ने किया।

चित्रकला कार्यशाला में नेपाल की रागिनी उपाध्याय, गुरुंग औडियाल, नरेंद्र प्रसाद, अनीता के अलावा बांग्लादेश के चित्रकार फरीदा जमान, जमाल अहमद, विनीता करीम, सुल्तान इस्तियाक, रंजीत दास, मुनीर जमान और भारतीय चित्रकारों में जितिन दास, सुजीत राय, भारती प्रजापति, विनोद शर्मा, राधिका सुराना हिस्सा ले रहे हैं। आर्ट बियांड बार्डर की ओर से आयोजित ‘आर्टिस्ट इन रेजिडेंसी’ कार्यशाला 25 सितंबर तक चलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें