भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अधिवेशन में बोलते दलाई लामा
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तिब्बती धर्मगुरु व शांति दूत दलाईलामा ने कहा कि युद्ध करने वाले हीरो नहीं बल्कि हत्यारे हैं। युद्ध के चलते व्यक्ति के अंदर डर और क्रोध पनप रहा है और इसी के चलते दुनिया भर में हिंसा जन्म ले रही है।
मौजूदा वक्त में सात हजार न्यूक्लियर हथियार इस्तेमाल होने के लिए हैं। कहा कि अब वो वक्त आ गया है कि हम दुनिया को ‘न्यूक्लियर फ्री’ बनाएं। इसके लिए हमें समय सीमा निर्धारित करनी होगी। विश्व स्तर पर अभियान चलाना होगा। इसमें भारत अपनी अहम भूमिका निभा सकता है।
केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान सारनाथ में आयोजित भारतीय विश्वविद्यालय संघ के तीन दिवसीय 92वें अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए परम पावन दलाईलामा ने कहा कि ‘मैं’ और ‘तुम’ की भावना ही आज तमाम समस्याओं की जड़ है।
उन्होंने कहा कि भारतीय पारंपरिक ज्ञान भावनाओं पर आधारित है। इसलिए भारत में वो शक्ति है जिससे कि वो पूरी दुनिया को शांति का संदेश दे सकता है। इसलिए शिक्षा के मामले में भारत को यूरोप और अमेरिका की कॉपी करने ही जरूरत नहीं।