वाराणसी। कैंट प्रधान डाकघर में खाताधारकों के खातों से धोखाधड़ी कर रुपये निकाले जाने के मामले की एसआईटी जांच हुई तो कई और कर्मचारी फंस सकते हैं। अब तक 30 से अधिक खाताधारकों के खाते से करीब पांच करोड़ रुपये निकाले जाने के मामले सामने आ चुके हैं। उधर, कैंट थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसआईटी जांच की संस्तुति होने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही नए सिरे से जांच कराने का भी निर्णय लिया गया है।
डाकघर में जिस तरह हर दिन नए-नए मामले सामने आते जा रहे हैं, उससे विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बिना खाताधारक की जानकारी के रुपये निकल जाना आसान नहीं है। ऐसा तब हो रहा है जब जमा-निकासी की व्यवस्था कंप्यूटरीकृत हैं। जिस तरह से मामला सामने आता जा रहा है, अब नए सिरे से इसकी जांच कराई जाएगी। विभागीय स्तर पर अलग-अलग टीम गठित की जा चुकी है। जांच करने के बाद टीम के सदस्यों को पांच दिन में रिपोर्ट पोस्ट मास्टर जनरल को देनी है। सोमवार से प्रधान डाकघर पर टीम के सदस्य खाताधारकों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू करेंगे। जिन लोगों ने मामले में अब तक शिकायत की है, उनका मोबाइल नंबर भी लिया गया है। जांच अधिकारियों की ओर से एक-एक खाताधारक को फोन कर सोमवार को बुलाकर जांच की जाएगी। इसमें अलग-अलग योजनाओं में जमा-निकासी से जुड़े कागजात भी देखे जाएंगे। इस बीच रविवार को भी इससे जुड़ी जानकारी जुटायी गई। खाताधारकों के खाते से रुपये निकाले जाने का मामला गंभीर है। विभागीय स्तर पर निलंबन के साथ ही नए सिरे से जांच कराई जा रही है। खाताधारकों को बुलाकर सोमवार से कागजात भी दिखाए जाएंगे। पांच दिन में रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -प्रणब कुमार, पोस्ट मास्टर जनरल