अगर आपको अपने डाक विभाग या फिर किसी बैंक खाते से पैसे निकालने की जरूरत है तो बैंक या डाकघर तक जाने की जरूरत नहीं है। चिट्ठियां पहुंचाने वाले डाकिया ही घर बैठे आपकी इस जरूरत को पूरा कर देंगे। इसको लेकर डाक विभाग के वाराणसी परिक्षेत्र के जिलों में छह अक्तूबर और आठ अक्तूबर को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों की जरूरत के हिसाब से खातों से रुपये निकाले जा सकेंगे।
आम तौर पर लोगों के खातों में अलग-अलग योजनाओं का पैसा महीने के पहले सप्ताह तक आ जाता है। इसको लेने के लिए लोग बैंक या डाकघर तक जाना पड़ता है। वैसे तो घर बैठे खातों से रुपये निकालने की सुविधा डाक विभाग की ओर से पहले से ही चल रही है लेकिन छह और आठ अक्तूबर को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। डाक विभाग वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि घर-घर जाकर लोगों को न सिर्फ उनके बैंक खातों से पैसे निकालने की सुविधा दी जाएगी, बल्कि नए खाते भी खुलवाए जाएंगे। छह अक्टूबर को घर बैठे आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से किसी भी बैंक खाते से पैसे निकालने और आठ अक्टूबर को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के खाते खुलवाने के लिए वृहद अभियान चलाया जाएगा। डाकिया के पास माइक्रो एटीएम की मदद से नियमानुसार एक व्यक्ति अपने आधार लिंक बैंक खाते से दस हजार रुपये तक की रकम निकाल सकता है। घर बैठे आईपीपीबी के माध्यम से डीबीटी राशि प्राप्त करने में आसानी होगी। इस खाते के माध्यम से मोबाइल व डीटीएच रिचार्ज, बिजली व पानी बिल भुगतान जैसी तमाम सुविधाएं मिलेंगी।
कोरोना काल में साढ़े पांच लाख को मिला धन
पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि लाकडाउन में वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक साढ़े पांच लाख लोगों में 1.54 अरब रुपये बैंक खातों से निकालकर डाकिया, ग्रामीण सेवकों द्वारा दी गई है। इसके अलावा अब तक करीब तीन लाख लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ भी जुड़ चुके हैं। इस समय 35 लाख से अधिक खाते संचालित हैं और 1.67 लाख पात्र बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं।