वर्चुअल नंबर से व्हाट्स एप ग्रुप में जोड़ रहे ठग
साइबर क्राइम टीम के कोऑर्डिनेटर विजय ने बताया कि इंटरनेट पर वॉक्सबोन, रिंगसेंट्रल, वोनेज, नेक्सटीवा, वार्मकनेक्ट जैसी कई साइट हैं, जिनके माध्यम से किसी भी देश का वर्चुअल मोबाइल नंबर प्राप्त किया जा सकता है। इन नंबरों को डायल करने पर फोन कनेक्ट नहीं होता है।
वर्चुअल नंबरों से जालसाज व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर किसी एक नंबर को लेकर सीरीज में अंतिम अंक बदलकर 200 से 250 लोगों को शामिल करते हैं। ग्रुप में आकर्षक स्टूडियो का फोटो भेजते हैं और वॉइस मैसेज भेजकर ईनाम जितने, लॉटरी लगने का झांसा देते हैं। समझदार लोग ग्रुप को तत्काल छोड़ देते हैं, जबकि कई लोग प्रलोभन में आ जाते हैं।
विभिन्न राज्यों में फैला है जालसाजों का नेटवर्क
नाइजीरियन गैंग के सदस्य गरीब लोगों को पैसा और लालच देकर उनका खाता खुलवाते हैं। इसके बाद उनके एटीएम और चेक बुक अपने पास रख लेते हैं। फिर फेसबुक, व्हाट्स एप, ई-मेल स्पूफिंग के जरिये ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग कर नाइजीरिया में बैठे ठग दूसरे लोगों के बैंक खातों से रुपये उन खातों में ट्रांसफर करते है।
ठगी करते समय भारत में अलग-अलग जगह इस अंतरराष्ट्रीय गैंग के सदस्य एटीएम के पास खड़े रहते है और नोटिफिकेशन की प्रतीक्षा करते हैं। रुपये खाते में ट्रांसफर होते ही ये लोग एटीएम या चेक से फौरन रुपये निकाल लेते हैं। जब तक लोगों को ठगी का अहसास होता है, तब तक ये ठग एकाउंट खाली कर देते हैं।