नवरात्र, दशहरा के त्योहार और मोहर्रम पर बड़ागांव कस्बे में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जल निगम के नलकूप के दोनों पंपों की मोटर जल जाने से कस्बे के साथ ही आसपास के कई गांवों की जलापूर्ति तीन दिन से ठप है। लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
बड़ागांव स्थित जल निगम के नलकूप में दो पंप लगे हैं। एक पंप की मोटर 15 दिन पहले जल गई थी। इसके बाद एक पंप से किसी तरह जलापूर्ति की जा रही थी। इस बीच शनिवार को दूसरे पंप की मोटर और स्टार्टर जल गया। इससे बड़ागांव कस्बे के साथ ही कविरामपुर, रामनगर, नामापुर, ईसीपुर, फतेपुर, गांगकला, रतनपुर, करमपुर और पचरासी सहित कई गांवों की जलापूर्ति ठप हो गई।
नौ दिन तक मां दुर्गा के दर्शन-पूजन और व्रत के साथ हिंदू विजयादशमी की तो मुस्लिम समुदाय के लोग मोहर्रम की तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में जलापूर्ति ठप होने से हर कोई परेशान है। लोग दूर-दूर से हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। कई हैंडपंपों से दूषित पानी निकलने के बावजूद लोग उसका सेवन कर रहे हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि 15 दिन पहले जो मोटर जली थी, यदि मरम्मत करा दी गई होती तो समस्या न उत्पन्न होती। लोगों ने चेतावनी दी है कि समस्या का जल्द निराकरण न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस बाबत अवर अभियंता अजय यादव ने बताया कि मंगलवार शाम तक एक मोटर की मरम्मत कराकर जलापूर्ति चालू करा दी जाएगी।