Varanasi-Dibrugarh cruise: गंगा विलास क्रूज के राज सिंह ने बताया कि क्रूज में 18 सुइट्स हैं। क्रूज जहां रुकेगी वहां के जीआई और ओडीओपी उत्पाद को दिखाया जाएगा। इससे देश के हस्तशिल्पियों के हुनर को नया बाजार मिलेगा। क्रूज पर वाराणसी के लकड़ी के खिलौने, ग़ुलाबी मीनाकारी, गाजीपुर का वालहैंगिंग समेत कई अन्य उत्पाद क्रूज की शोभा बढ़ाएंगे, जिससे पूर्वांचल समेत पूरे यूपी के इन उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।
नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ क्रूज यात्रा की शुरुआत 10 जनवरी को होगी। क्रूज से 52 दिनों की यात्रा पर जाने वाले पर्यटक रास्ते में पड़ने वाले जिलों में जीआई और ओडीओपी उत्पाद से रूबरू होंगे।
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गंगा विलास क्रूज के राज सिंह ने बताया कि क्रूज में 18 सुइट्स हैं। क्रूज जहां रुकेगी वहां के जीआई और ओडीओपी उत्पाद को दिखाया जाएगा। इससे देश के हस्तशिल्पियों के हुनर को नया बाजार मिलेगा। क्रूज पर वाराणसी के लकड़ी के खिलौने, ग़ुलाबी मीनाकारी, गाजीपुर का वालहैंगिंग समेत कई अन्य उत्पाद क्रूज की शोभा बढ़ाएंगे, जिससे पूर्वांचल समेत पूरे यूपी के इन उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। विभागीय अधिकारी राकेश सिंह के मुताबिक गंगा विलास भारत व बांग्लादेश के 27 रिवर सिस्टम से राष्ट्रीय उद्यानों व अभयारण्यों से भी गुजरेगा, जिनमें सुंदरबन डेल्टा और काजीरंगा नेशनल पार्क शामिल हैं।
बताया कि अंतरदेशीय जलमार्ग परिवहन किसानों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा। इससे न सिर्फ नदी पर्यटन का विकास होगा बल्कि स्थानीय उत्पाद हल्दिया से होते हुए मध्य एशियाई देशों तक सीधी पहुंच बनाने में कामयाब होंगे।