जवान की पत्नी की हालत भी खबर सुनने के बाद से खराब है। गांव के लोग जवान के घर पर परिवार को संभालने में लगे हैं। जवान के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को सैन्य सम्मान के साथ गांव लाया जाएगा।
शहीद के मां की तबीयत बिगड़ गई और पत्नी को भी आसपास से पहुंचीं महिलाओं ने किसी तरह संभाला। वर्ष 2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए अश्विनी कुमार अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उन पर ही थी।
घर में अश्वनी की मां लालमुनी, पत्नी अंशु देवी, दो बच्चे दो बच्चे आयशा यादव(6) व आदित्य यादव(4) हैं। इसके अलावा दो छोटे भाई अंजनी यादव व मुलायम यादव हैं।