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Varanasi News: सीआरपीएफ का सिपाही है सॉल्वर गैंग का सरगना

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एसएससी द्वारा आयोजित जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2022 में धांधली का प्रयास करने वाले गिरोह का सरगना प्रयागराज के शांतिपुरम फाफामऊ का निवासी सलमान सीआरपीएफ में सिपाही है। गिरोह में उसका दायां हाथ शांतिपुरम फाफामऊ का ही रहने वाला दिलीप कुमार उर्फ डीके है। सलमान के निर्देश पर डीके गिरोह के सदस्यों के माध्यम से अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने का सौदा तय कराता है। फिलहाल इस मामले में यूपी एसटीएफ को सलमान, डीके, आमिर उर्फ साजन और मोहम्मद नफीस सहित सात आरोपियों की तलाश है।
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पांडेयपुर बेलवा स्थित देवा महिला महाविद्यालय में सोमवार को जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान भदोही के चक साहब सागर रायपुर निवासी मोहम्मद नफीस को बतौर अभ्यर्थी शामिल होना था। एसटीएफ ने छापा मारा तो नफीस की जगह परीक्षा देते हुए बिहार के नालंदा का अजीत कुमार पकड़ा गया था। पूछताछ में अजीत ने बताया कि वह सॉल्वर है। सॉल्वर गिरोह के दो अन्य लोग प्रयागराज का शंभू कुमार सरोज और बिहार के जमुई का सौरभ कुमार यादव परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद है। अजीत की निशानदेही पर एसटीएफ ने शंभू और सौरभ को भी गिरफ्तार किया। मंगलवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ के अफसरों ने बताया कि सॉल्वर गैंग के सरगना सलमान के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उसकी करतूत के संबंध में सीआरपीएफ मुख्यालय को पत्र भेज कर सूचना साझा की जाएगी। सलमान और उसके गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ का प्रयास जारी है। जल्द ही सभी आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
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खंगाली जा रही आरोपियों की कॉल डिटेल
गिरफ्तार तीनों आरोपी पूछताछ में सलमान, डीके, आमिर और नफीस का ही मोबाइल नंबर बता सके। सॉल्वर अजीत ने बताया कि वह सिर्फ फोन पर हुई बातचीत के आधार पर ही 20 हजार रुपये के लालच में नफीस की जगह परीक्षा देने आया था। उसने सलमान और डीके को कभी नहीं देखा है। गिरफ्त में आए तीन आरोपियों और नामजद चार अन्य आरोपियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाल कर एसटीएफ गिरोह की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।
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