प्रभु यीशू के आगमन की खुशियां घरों से लेकर चर्च तक बिखरनी शुरू हो गई हैं। तीसरे आगमन पर्व पर बाइबिल पाठ, कैरोल गीत के साथ ही कोरोना के खात्मे व दुनिया में खुशहाली की प्रार्थना हुई। बुजुर्गों के प्रति सम्मान का भाव रखने के संदेश के साथ कलीसिया से जुड़े बुजुर्गों का सम्मान किया गया।
रविवार को छावनी क्षेत्र स्थित लाल चर्च में फादर संजय दान ने विशेष प्रार्थना सभा कराई। इसके बाद बाइबिल का पाठ किया गया। पाठ के बाद पूरा चर्च प्रांगण कैरोल के गीतों से गूंज उठा। फादर संजय दान ने कहा कि तीसरे आगमन पर्व पर बुजुर्गों के सम्मान की परंपरा है। इसके पीछे हमारा उद्देश्य है कि बुजुर्ग उपेक्षा नहीं सम्मान के हकदार हैं। पुरखों का ज्ञान, संस्कृति और आदर्श बुजुर्गों के जरिए ही आने वाली पीढि़यों को हस्तांतरित होते हैं।
शहर के गिरजाघरों में कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार प्रार्थना सभा हुई। लाल चर्च के सचिव विजय दयाल ने बताया कि आगमन के तीसरे रविवार को कलीसिया से जुड़े बुजुर्गों को सम्मानित करने की परंपरा है। इस दौरान हेमंत दास, पुष्पा सिडनी, आाशा टैगोर, सुरेश स्टीफन, राकेश हेमला, शीला एंड्रूज, बीएस लाल, अरलीन दयाल, जॉन दयाल, एसवी दास, रोजलिन दास, सुरेश डेविड, मोरिन फि लिप्स, ईवा प्रकाश और अशोक दान को सम्मानित किया गया। वहीं दूसरी तरफ सेंट मैरीज महागिरजा, रामकटोरा चर्च, गोदौलिया गिरजाघार, सेंट पॉल चर्च सिगरा में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।