दीनदयाल, मंडलीय, महिला अस्पताल में एक ही डॉक्टर की तैनाती
छुट्टी पर जाने के बाद ठप करती पड़ती है जांच
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। जिले के सरकारी अस्पतालों में सोनोलॉजिस्ट की कमी की वजह से जांच का संकट बना हुआ है। जिला, मंडलीय अस्पताल में एक ही सोनोलॉजिस्ट का पद है, जबकि हर दिन 100 से अधिक लोगों का अल्ट्रासाउंड होता है। ऐसे में किसी के अवकाश पर जाने की वजह से यहां जांच ठप करनी पड़ती है।
दीनदयाल अस्पताल में 22 से 27 मई तक सोनोलॉजिस्ट के अवकाश पर चले जाने की वजह से जांच ठप है। वहीं मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पताल में एक-एक सोनोलॉजिस्ट होने की वजह से उस समय जांच की समस्या होती है, जब कोई छुट्टी पर चला जाता है। जिला महिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि एक सोनोलॉजिस्ट की तैनाती है, इनके अवकाश पर जाने के बाद जांच नहीं हो पाती है।
मंडलीय अस्पताल में 29 से ठप होगी जांच
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में तैनात सोनोलॉजिस्ट के 29 मई से अवकाश पर जाने की वजह से जांच का संकट हो सकता है। प्रमुख अधीक्षक डाॅ. एसपी सिंह ने बताया कि एक सोनोलॉजिस्ट हैं, 29 से दस दिन के अवकाश पर जाना है, इस वजह से उनके अवकाश पर रहने तक जांच नहीं हो पाएगी।
वर्जन
सोनोलाॅजिस्ट की कमी है, फिर भी अस्पतालों में जांच न प्रभावित हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जांच कराई जाती है। शासन को भी इस संकट से अवगत कराया जा चुका है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ