11 जुलाई को मिली थी सिर कटी लाश
जानकारी मुताबिक, आजमगढ़ के रौनापार थाना इलाके में 11 जुलाई 2024 को सिर कटी लाश बरामद हुई थी। जिसकी पहचान शैलेंद्र के रूप में हुई थी। इस घटना को तीन आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था। इस मामले में अभी तक सिर नहीं मिला है।
इन तीन आरोपियों में से दो आरोपियों को 15 जुलाई को रामछवि उर्फ दबिया और छांगुर को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि एक आरोपी शंकर कनौजिया जो कि जिले के रौनापार थाना क्षेत्र का रहने वाला था, लगातार फरार चल रहा था।
फरार आरोपी पर वाराणसी एडीजी पीयूष मोर्डिया ने इनाम घोषित किया था। फरार आरोपी शंकर कनौजिया अंर्तजनपदीय अपराधी था। आरोपी के खिलाफ हत्या, लूट, हत्या के प्रयास जैसे कुल नौ गंभीर आपराधिक मुकदमें दर्ज थे। आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी।
गोरखपुर से बनाई थी वारदात की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गोरखपुर से फर्जी कागजों के सहारे पिकअप बुक कर वारदात का प्लान बनाया था। तीन जुलाई को ड्राइवर शैलेंद्र को लाटघाट बुलाकर खाद्य पदार्थ में जहरीला पदार्थ खिलाया गया, जिससे वह अचेत हो गया और उसकी हत्या कर वाहन लूट लिया गया। पुलिस ने पहले ही आरोपियों से घटना में प्रयुक्त तमंचा, फावड़ा, दो मोबाइल और पिकअप बरामद कर लिया था।