गिरफ्तारी और बरामदगी
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि आठ जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। शंकरपुर-हरिश्चंद्रपुर पुलिया क्षेत्र में राजेश चौहान को मोटरसाइकिल से आते देखा गया। उसने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की। घबराहट में उसकी मोटरसाइकिल फिसल गई और वह पैदल भागने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने झपटमारी की घटना स्वीकार की। उसके पास से दो लाख 56 हजार रुपये नकद, एक देसी तमंचा, एक कारतूस और बिना नंबर की होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल मिली।
यक्ष ऐप की भूमिका
सीओ लालगंज ने बताया कि यक्ष ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक उन्नत तकनीकी प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य अपराधियों की त्वरित पहचान और अपराध अनावरण को प्रभावी बनाना है। इस ऐप में अपराधियों के फोटो, आपराधिक इतिहास और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। इस मामले में यक्ष ऐप ने जांच को सही दिशा देने और आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी में दर्ज हैं छह प्राथमिकी
सीओ भूपेश पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेश चौहान के ऊपर विभिन्न जिलों में छह प्राथमिकी दर्ज है। इसमें आजमगढ़ के बरदह थाने में दो, सिधारी में एक, वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाने में एक और गाजीपुर जनपद के सैदपुर थाने में दो प्राथमिकी दर्ज है। इनमें से तीन प्राथमिकी तो सिर्फ आर्म्स एक्ट में दर्ज है।