जंगल में बकरी चराने गई किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का वीडियो बनाकर आरोपियों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। किशोरी गर्भवती हुई तो घर वालों को धमकाकर उसका गर्भपात भी करा दिया। घटना यूपी के जौनपुर जिले की है।
पीड़िता ने थाने पर सुनवाई न होने पर कोर्ट से गुहार लगाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के आदेश पर पुलिस ने घटना के करीब नौ महीने बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित किशोरी के चाचा ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि सातवीं कक्षा की छात्रा उसकी चौदह वर्षीय भतीजी 12 नवंबर 2016 को बकरी चराने खेत की तरफ गई थी।
जहां दो युवक उसका मुंह दबाकर पास के जंगल में उठा ले गए और बारी बारी से दुष्कर्म किया। आरोपियों ने दुष्कर्म का वीडियो बनाया और धमकी दी कि उसने किसी से जुबान खोली तो वीडियो दिखाकर उसके परिवार को बदनाम कर देंगे।
वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपियों ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान किशोरी गर्भवती हो गई। किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी परिवार वालों को सात महीने बाद हुई तो पीड़ित किशोरी की मां उलाहना लेकर आरोपियों के घर पहुंच गई।
आरोपी बदनामी का खौफ दिखाकर किशोरी को प्रतापगढ़ के एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए जहां उसका गर्भपात करा दिया। तकरीबन सात महीने के मृत नवजात शिशु को परिजन घर के पास दफन कर दिया। घटना के दूसरे दिन किशोरी के साथ परिजन थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें भगा दिया।
एसपी से भी गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। अपर सत्र न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगरामऊं थानाध्यक्ष को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी हरिगेन निवासी कुमार पट्टी थाना सिंगरामऊ और कमलेश निवासी रजनीपुर थाना सिंगरामऊ के खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।