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योगी राज में पूर्वांचल के बाहुबलियों के आए 'बुरे दिन'

Wed, 12 Apr 2017 11:28 AM IST
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल
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मुख्तार अंसारी व अतीक अहमद - फोटो : amar ujala
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सूबे में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के साथ ही पूर्वांचल के बाहुबलियों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। बाहुबली मुन्ना बजरंगी को झांसी से 500 किमी दूर पीलीभीत जेल भेज दिया गया है। अतीक अहमद को इलाहाबाद से देवरिया जेल भेज दिया गया।
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वहीं मऊ सदर से विधायक मुख्तार अंसारी को लखनऊ की सुविधाजन जेल से बांदा जेल भेज दिया गया है। जेल बदलने के साथ ही इन बाहुबलियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर उठाना शुरू कर दिया है। मुख्तार अंसारी ने तो एक केंद्रीय मंत्री से अपनी जान का खतरा बताया था और सीएम योगी से सुरक्षा देने की मांग की थी।

अतीक अहमद तो अपने जेल बदले जाने के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया। वहीं मुख्तार अंसारी के नजदीकी माने जाने वाले मुन्ना बजरंगी ने भी पीलीभीत भेजे जाने के फैसले पर कहा कि प्रशासन उन्हें परेशान कर रहा है।
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उधर, उनके परिवार वालों ने इकोनामिक टाइम्स से कहा कि योगी सरकार पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि बृजेश सिंह की जेल को नहीं बदला गया है और वह अभी भी वाराणसी जेल में बंद हैं।

परिवार वालों ने आरोप लगाया कि ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि बृजेश सिंह एमएलसी हैं और उनके भाई भाजपा विधायक हैं। अधिकारियों के मुताबिक तीनों ही बाहुबली योगी सरकार की हनक महसूस कर रहे हैं।
 
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जेल में अब नहीं मिलेगा मोबाइल, घर का बिस्तर

मुन्ना बजरंगी - फोटो : SELF
अपने गृह जिले से काफी दूर भेजे जाने से उन्हें घर के खाने और बिस्तर की कमी महसूस होगी। इससे वे परेशान हैं। सूबे के प्रधान सचिव गृह देवाशीष पंडा ने इन बाहुबलियों के जेल बदलने के आदेश में कहा है कि नई जेल में उन्हें कड़ी निगरानी में रखा जाए और कोई भी अतिरिक्त सुविधा न दी जाए।

कहा ‌क‌ि कोई भी बाहुबली मोबाइल फोन का इस्तेमाल न कर सके ताकि वह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम न दे सके। इन सबके बीच मजेदार बात यह है कि इन तीनों ही जेलों में मोबाइल जैमर नहीं लगा है।   बजरंगी के रसूख का आलम यह है कि रविवार को जेल गेट पर बंदियों की मिलाई को लेकर भी कतार लगी हुई थी। पुलिसकर्मी भी काफी संख्या में मुस्तैद थे। मात्र साढ़े तीन घंटे के भीतर वहां माफिया डॉन का अंदाज चर्चा का विषय बन गया। पहले तो चुपचाप जेल गेट पर वैन में बैठा रहा।   पुलिसकर्मी भी कुछ करने से पहले उसकी रजामंदी लेते दिखाई दिए। इस बीच मिलने आए लोगों से शांत रहकर बातचीत करता रहा, और जब उतर कर जेल की ओर बढ़ा तो अंदाज बदला सा दिखाई दिया।   कारागार गेट पर पहुंचते ही एक पुलिसकर्मी ने जब कहा कि आप चलिए, सामान आ जाएगा... तो वहां मौजूद लोग दंग रह गए। वहीं जेल के भीतर ले जाया जा रहा सामान कूलर, मिनिरल वाटर, तख्त, गद़्दे आदि उसी का होने की जानकारी लगते ही ये चर्चा का विषय बन गया।
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