नौकरी के नाम पर रुपये एंठने वाले जालसाज से लोगों ने अपने दिए पैसे मांगने शुरू किया तो उसने पत्नी से मिलकर गैंगरेप की कहानी रच दी। मामला जौनपुर जिले के शाहापुर गांव का है। सोमवार सुबह गांव के नहर में रस्सी से हाथ पैर बांधकर फेंकी गई महिला की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पहले तो महिला के साथ गैंगरेप की हवा उड़ी लेकिन शक होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। जालसाज के कमरे से पुलिस ने कई लोगों की मार्कशीट, कई नकली मुहर आदि बरामद किए हैं। पुलिस ने पति पत्नी दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर थाना क्षेत्र के उनुरखां गांव निवासी राघवेंद्र पुत्र रामस्वरूप दो साल से सरपतहा थाना क्षेत्र के अतरडीहा चौराहे पर सोमारू राम के मकान में किराए पर फर्जी नाम पते पर रहता था। वह खुद को वन दरोगा बताता था और अपना नाम प्रवेश निवासी बदलापुर बताया था।
इस दौरान मकान मालिक के बेटे समेत आस पास के 12 से अधिक लोगों को वन विभाग, पुलिस समेत अन्य विभागों में भी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ले लिए थे। जिन से पैसे लिए थे उनसे असली मार्कशीट और पहचान पत्र भी जमा करा लिए थे। पैसा जमा करने के काफी दिन बाद भी नौकरी नहीं मिली तो लोगों ने पैसे मांगना शुरू कर दिया था।
वह सुल्तानपुर जिले के नेमपुर में जाकर किराए के मकान में रहने लगा। यहां लोगों को बताया कि उसका तबादला हो गया है। तकादे से बचने के लिए उसने पत्नी से मिलकर गैंगरेप की कहानी रच दी। पहले से तय प्लान के मुताबिक उसने पत्नी सोमवार की भोर में शाहापुर के पास पत्नी का हाथ और पैर नाइलान की रस्सी से बांधकर मुंह में कपड़े भर दिए और नहर में लिटा दिया।
आस पास शराब की खाली बोतलें रख दी और खुद दूर से गतिविधियों पर नजर रख रहा था। सुबह लोगों की नजर महिला पर पड़ी तो 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस महिला को थाने ले आई। उसने मकान मालिक सोमारू राम के बेटे सहित तीन नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ गैंगरेप का आरोप लगाया। पुलिस ने तीन आरोपियों को उनके घर से उठा लिया। पूछताछ में घटना पर पुलिस को संदेह हुआ।
पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो सच सामने आ गया। एसपी सिटी कमलेश दीक्षित ने बताया कि पति- पत्नी दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।