वाराणसी के जैतपुरा थाने में युवती के अपहरण के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए बुनकर पिंटू राजभर (25) ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। उपचार के दौरान ही पिंटू की मौत हो गई।
जैतपुरा थाना अंतर्गत सरैयां के भर टोला निवासी पिंटू मुहल्ले के एक पावरलूम में बुनाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया जाता है कि मुहल्ले की ही एक युवती को लेकर पिंटू छह अक्तूबर को मिर्जापुर में अपनी बड़ी बहन के घर चला गया था।
सात अक्तूबर को पिंटू की बड़ी बहन ने उस युवती को लाकर उसके परिवारीजनों को सौंप दिया। घरवालों की पिटाई से नाराज युवती आठ अक्तूबर को घर से निकली और वापस नहीं लौटी।
काफी खोजबीन के बाद भी जब पता नहीं लगा तो युवती के भाई ने नौ अक्तूबर को जैतपुरा थाने पर उसके गायब होने के संबंध में तहरीर दी। सरैयां में सड़क जाम कर रहे पिंटू के परिवारीजनों का आरोप था कि पुलिस सोमवार की शाम पिंटू को सरैयां पुलिस चौकी ले गई थी।
पूछताछ में कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया तो पिंटू को जैतपुरा थाने भेज दिया गया और रात भर वह हवालात में रहा। मंगलवार की सुबह पुलिसकर्मियों से पिंटू ने टॉयलेट जाने की बात कही। इसी दौरान उसने वहां रखा टॉयलेट क्लीनर पी लिया।
बाहर आने पर थोड़ी देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो पुलिस सुबह 9:20 बजे के लगभग पिंटू को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंची। सूचना पाकर डिप्टी कलेक्टर मॉल मनोज सागर ने घटना के संबंध में मंडलीय अस्पताल में पिंटू का बयान दर्ज किया।
करीब 11 बजे पिंटू की हालत और बिगड़ी तो उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया जहां उपचार के दौरान शाम करीब साढ़े चार बजे उसकी मौत हो गई।
पुलिस हिरासत में पिंटू की मौत से गुस्साए उसके घर वालों और मुहल्ले के लोगों ने सरैयां में दुकानें बंद कराते हुए कज्जाकपुरा-पुराना पुल मार्ग पर जाम लगा दिया।
मांग थी कि डीएम को मौके पर बुलाया जाए और पिंटू की मौत के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर परिवारीजनों को मुआवजा दिया जाए। सूचना पाकर 10 थानों की फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे एसपी सिटी देर शाम तक आक्रोशित लोगों को शांत कराने में जुटे थे।