कबीरचौरा जिला महिला अस्पताल में 100 बेड के नए अस्पताल के लिए निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल की दीवार गुरुवार को ढह गई। मलबे में दबकर एक बच्चे की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोपहर करीब 12 बजे जब हादसा हुआ, मजदूरों के ये बच्चे वहां खेल रहे थे। यह दीवार महीने भर पहले जोड़ी गई थी। हादसे से घटिया निर्माण की कलई खुल गई है। वहीं, ठेकेदार और उसका मैनेजर फरार है।
मौके पर पहुंचीं डीजी परिवार कल्याण डॉ. नीना गुप्ता ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, जांच होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
सौ बेड के अस्पताल के लिए तीन मंजिला भवन का निर्माण तीन साल से चल रहा है।
मौजूदा समय में 60 से अधिक मजदूर निर्माण में लगे थे। इनमें कई मजदूर पश्चिम बंगाल से परिवार के साथ यहां आए हैं। रोजाना की तरह गुरुवार को भी काम जारी था। मजदूरों के बच्चे निर्माणाधीन परिसर में ही खेल रहे थे। तभी दोपहर करीब बारह बजे दूसरी मंजिल की एक दीवार ढहने से अफरातफरी मच गई।
पश्चिम बंगाल के उत्तर दीनाजपुर निवासी मजदूर डोमा शेख के सात वर्षीय पुत्र दिलारू और छह साल की पुत्री तसलीमा के अलावा पतलू शेख का छह वर्षीय पुत्र जाकिर मलबे में दब गए। आननफानन में उन्हें मलबे से निकालकर मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया।
दिलारू की गंभीर हालात को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाने की सलाह दी लेकिन ठेकेदार और मुंशी के आने के इंतजार में डोमा शेख उसे वहां नहीं ले जा पाया। सिर में गंभीर चोट लगने और खून का रिसाव बंद न होने से दोपहर करीब तीन बजे दिलारू ने दम तोड़ दिया।
तसलीमा और जाकिर की हालत स्थिर बताई गई है। हादसे के बाद एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंचे। डीजी परिवार कल्याण का कहना है कि घटिया निर्माण सहित अन्य सभी पहलुओं पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।