वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पीछे विवादित जमीन में स्थित टीनशेड (मड़ई) में तोड़फोड़ कर आग लगाने और फातमान मार्ग पर उपद्रव करने के मामले में सिगरा थाने में 14 नामजद और 300 से ज्यादा अज्ञात के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने के मुख्य आरोपी धर्मस्थल की देखभाल करने वाले सज्जाद और उसके बेटे राजू को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। वीडियो फुटेज और फोटो से पथराव करने वाले 25 अन्य को चिह्नित कर पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
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इन सभी पर एनएसए के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस बीच मंगलवार को सिगरा से फातमान, लल्लापुरा व विद्यापीठ मार्ग पर पांच थानेदार, क्यूआरटी व पीएसी तैनात रही और क्षेत्र का माहौल सामान्य रहा।
सिगरा थाना के समीप काशी विद्यापीठ के पीछे एक धर्मस्थल से सटी हुई विवादित जमीन पर अधिवक्ता महेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह की गाय बांधने की मड़ई है।
आरोप है कि रविवार रात नौ बजे विवादित जमीन से सटे धर्मस्थल में मौजूद लोगों ने निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाकर मड़ई में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। मड़ई में मौजूद मंटू सिंह के भतीजे शुभम को मारपीट कर उसकी सोने की चेन लूट ली।
दूसरे पक्ष के सैंकड़ों लोगों ने किया तोड़फोड़
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद धर्मस्थल की देखभाल करने वाले सज्जाद और उसका बेटा राजू भागकर लल्लापुरा गए। थोड़ी देर बाद देखते-देखते सिगरा थाना के समीप फातमान मार्ग पर सैकड़ों की भीड़ जुट गई।
भीड़ में शामिल लोग मौके पर पहुंची पुलिस पर पथराव करते हुए सिगरा थाना-लल्लापुरा मार्ग पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करने लगे। इस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा तब जाकर दो घंटे में माहौल सामान्य हुआ।
समूचे घटनाक्रम को लेकर सिगरा थाना में मंटू सिंह और थानाध्यक्ष गोपालजी गुप्ता की तहरीर पर दो अलग-अलग मुकदमा दर्ज किए गए हैं। मंटू की तहरीर पर लल्लापुरा के सज्जाद, राजू, डॉ. साजा, खुर्शीद, रिंकू, सरफराज, बबलू, मोख्तार, मुंशी और तौफीक सहित 300 अज्ञात के खिलाफ बलवा और डकैती की आठ धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।
वहीं, सिगरा थानाध्यक्ष की तहरीर पर चार नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ बलवा, धार्मिक उन्माद फैलाने सहित एक दर्जन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। सोशल मीडिया और अफवाह फैलाने वालों पर इलाकाई थानेदारों और साइबर सेल की नजर है।
पुलिस के अनुसार माहौल बिगाड़ने के लिए वाट्सएप और कॉल से शहर में तरह-तरह की अफवाह फैलाई गई थी। भीड़ इकट्ठी करने के लिए धर्मस्थल की दीवार ढहाने, धर्मस्थल में आग लगाने, एक भाजपा विधायक के खड़े होकर धर्मस्थल ढहवाने के साथ-साथ धर्मस्थल को ढहा कर वहां कुछ लोग दूसरा धर्मस्थल बनवाने की बातें कही गईं थीं।