वाराणसी के सिगरा थाने के समीप विद्यापीठ मोहल्ले में रविवार की रात जानबूझकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई। मौके पर मौजूद रहे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ऐसा ही मानते हैं।
दरअसल, सावन के दूसरे सोमवार के मद्देनजर जिले भर की फोर्स का पूरा ध्यान काशी विश्वनाथ मंदिर और मैदागिन से दशाश्वमेध घाट के बीच था। रविवार रात एक तरफ विवाद हो रहा था, दूसरी तरफ बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए देश के कोने-कोने से आए कांवरिया कतारबद्ध हो रहे थे। शहर के कई कोनों में बोल बम के जयकारे गूंज रहे थे।
इसी दौरान धर्मस्थल की जमीन पर कब्जे की अफवाह फैलाई गई और फिर जानबूझकर भीड़ को इकट्ठा किया गया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को समझाना शुरू किया तो पथराव शुरू कर दिया गया। इस दौरान सिगरा थाना और आसपास के इलाके में लगभग दो घंटे अफरातफरी रही और लोग घरों में दुबके रहे।
उधर, सिगरा थाना के समीप सरेराह इकट्ठा हुई भीड़ और पथराव के कारण सिगरा-फातमान मार्ग पर एक घंटे से ज्यादा समय तक आवागमन ठप रहा। आंसू गैस छोड़े जाने पर हुई आवाज को फायरिंग समझते हुए लोगों ने दूसरे रास्तों का रुख कर लिया।
वहीं, बवाल के मद्देनजर आननफानन में शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई। विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों पर फोर्स तैनात कर दी गई है।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि किसी को यदि कोई दिक्कत थी तो चंद कदम की दूरी पर स्थित सिगरा थाना आना चाहिए था। अफवाह फैलाकर प्रायोजित तरीके से भीड़ इकट्ठा की गई और फिर समझाने पर पुलिस पर पथराव किया गया।
घटना के बाद जो तहरीर आएगी उसके अलावा पुलिस सभी को चिह्नित कर अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी।