वाराणसी में रविवार की देर रात महज एक अफवाह के कारण बड़ा बवाल मच गया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की शिक्षक कॉलोनी के समीप धर्मस्थल से सटी विवादित जमीन पर दुधारू पशु को बांधने के लिए बने टीनशेड (मड़ई) को लेकर रविवार रात बवाल हो गया।
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एक पक्ष के लोगों ने अफवाह फैलाई कि उनके धर्मस्थल की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन्होंने मड़ई में तोड़फोड़ करते हुए वहां आग लगा दी। वहीं, अफवाह फैलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ सिगरा थाना के समीप फातमान मार्ग पर इकट्ठी हो गई और नारेबाजी करने लगी।
पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने उस पर पथराव करते हुए गुलाबबाग-लल्लापुरा मार्ग पर खड़े डेढ़ दर्जन से ज्यादा वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा।
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एहतियातन फातमान मार्ग पर एक सीओ, पांचों थानों की फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया है। मामले में एसएसपी आरके भारद्वाज ने कहा कि धर्मस्थल से सटी जमीन को लेकर अधिवक्ता और दूसरे पक्ष में विवाद है।
अधिवक्ता मवेशी बांधने की जमीन को समतल करा रहे थे तभी धर्मस्थल के लोगों के बीच कब्जा करने की कोशिश की अफवाह फैला दी गई। वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश पुलिस को दिया गया है। लोग किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
माहौल खराब करने के लिए अगर कोई भ्रम फैला रहा हो तो इसकी सूचना 100 नंबर या नजदीकी थाने पर दें।
ऐसे बढ़ा विवाद
इसी जगह पर हुआ विवाद
- फोटो : अमर उजाला
सिगरा-फातमान मार्ग के समीप विद्यापीठ मोहल्ले में एक धार्मिक स्थल के समीप अधिवक्ता मंटू सिंह का मकान है। धर्मस्थल से सटी जमीन पर मड़ई डालकर मंटू की तीन गाय बांधी जाती है।
मंटू की गाय दुहने वाले बबलू सरदार ने बताया कि रात नौ बजे के लगभग वह बारिश के कारण मड़ई में हुए कीचड़ पर मिट्टी डालकर उसे समतल करा रहा था। इसी दौरान धर्मस्थल से निकलकर तीन-चार लोगों ने कहा कि क्यों निर्माण कार्य करा रहे हो।
मंटू और उनके पक्ष के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई तो धर्मस्थल से बाहर आए लोगों से उनकी कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच धर्मस्थल से निकल कर आए लोगों के पक्ष से भीड़ इकट्ठा हो गई और सभी ने मड़ई में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी।
इस पर दोनोें पक्षों में मारपीट और पथराव शुरू हो गया। पथराव में घायल मंटू ने अपनी गायों को किनारे किया और पुलिस को सूचना दी।
दूसरी ओर धर्मस्थल से बाहर आए लोगों और उनके पक्ष के लोगों ने फोन करना शुरू कर दिया कि हमारी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, जल्दी आओ। भीड़ में शामिल कुछे लोग भागकर लल्लापुरा गए और लोगों को इकट्ठा करने लगे।
थोड़ी ही देर में लल्लापुरा और पितरकुंडा के सैकड़ों लोगों की भीड़ सिगरा थाना के समीप फातमान मार्ग पर इकट्ठा हो गई और नारेबाजी करने लगी। सिगरा थानाध्यक्ष ने समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इसी बीच पांच थानों की फोर्स और पीएसी के साथ एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा तो सभी लोग गुलाबबाग-लल्लापुरा मार्ग की ओर भागते हुए सड़क किनारे खड़े डेढ़ दर्जन से ज्यादा दो पहिया और चार पहिया वाहनोें में तोड़फोड़ करने लगे।
स्थिति नियंत्रित न होते देख पुलिस ने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े। थोड़ी ही देर में मौके पर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, आईजी रेंज दीपक रतन, डीएम व एसएसपी 10 और थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को कानून के दायरे में रहने की ताकीद लाउडहेलर से की गई।