इश्क में इकरार, फिर साथ जीने की जिद और इसके बाद इनकार में तीन जिंदगियां चली गई थीं। वाराणसी में रामनगर के पास गंगा में उतराई मिलीं दो युवतियों की लाश और एक युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। एक युवती के गिरफ्तार प्रेमी ने पूरा वाकया बयां किया, जो बेहद हैरान करने वाला है।
रामनगर थाना क्षेत्र में गंगा में 19 मई को एक युवती और 20 मई को एक युवक का शव उतराया मिला था। 23 मई को रामनगर के रामपुर निवासी नरेश मौर्या ने मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी बेटी बबिता का अपहरण हो गया है।
एक जून को रामनगर के वारीगड़ही निवासी अनवर ने मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी बेटी नगमा बानो का अपहरण सोनभद्र के राबर्ट्सगंज के लोहरा बुलहरा के उमेश कुशवाहा ने कर लिया है। मामलों की तफ्तीश में जुटे थानाध्यक्ष रामनगर राजीव सिंह को सर्विलांस से पता चला कि उमेश का मोबाइल सोनभद्र के राबर्ट्सगंज के महुवारा बंगला का चंदन विश्वकर्मा इस्तेमाल कर रहा है।
थानाध्यक्ष रामनगर ने चंदन से पूछताछ की तो मामला परत दर परत उधड़ता चला गया। एसएसपी नितिन तिवारी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में मामले का खुलासा किया। चंदन ने बताया कि वो और उमेश दोनों दोस्त थे। उमेश की बबिता और नगमा दोनों से दोस्ती थी।
बाद में उमेश ने नगमा से चंदन की दोस्ती करा दी। 16 मई को एक ही बाइक से चारों चुनार गए। वहां बबिता और नगमा दोनों शादी का दबाव बनाने लगीं तो उन्होेंने मना कर दिया। नाराज बबिता पर्स से जहरीला पदार्थ निकाली और पी ली। बबिता की हालत बिगड़ने लगी तो सभी उसे चितईपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले आए। डॉक्टरों ने पुलिस केस कहकर बीएचयू अस्पताल जाने को कहा।
पुलिस का नाम सुनकर सभी घबरा गए। बाइक पर बबिता को लेकर घूमते रहे। रात करीब दो बजे बबिता की मौत हो गई। पुलिस से बचने के लिए सभी विश्व सुंदरी पुल पर गए। पुल से बबिता का शव गंगा में फेंक दिया। यह देख नगमा तनाव में आ गई। अचानक उसने भी गंगा में छलांग लगा दी।
इसी दौरान उमेश ने मोबाइल चंदन को थमाया। बात करते-करते वह भी गंगा में कूद गया। चंदन ने बताया कि एकबारगी वह भी गंगा में कूदने की सोचा लेकिन हिम्मत जवाब दे गई। बाइक लेकर वह भाग निकला। चंदन ने पुलिस के पास मौजूद बबिता, नगमा और उमेश की फोटो की शिनाख्त की।