कछुओं को थाने के अंदर ले जाती पुलिस
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लंका के डाफी टोल प्लाजा से पुलिस ने बुधवार की सुबह एक पिकअप में लादकर ले जाए जा रहे दो हजार कछुओं को बरामद किया। पुलिस ने मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि वह सुल्तानपुर से पश्चिम बंगाल जा रहे थे। कछुओं की तस्करी से जुड़े करीब एक दर्जन लोगों के बारे में जानकारी मिली है।
मास्टर माइंड भी पकड़ से बाहर है। इसमें कुछ पूर्वांचल के है तो कुछ पश्चिम बंगाल के। बरामद कछुओं की कीमत 60 लाख रुपये बताई गई है। यह जानकारी एसएसपी नितिन तिवारी ने बुधवार को लंका थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर दी।
पुलिस को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से हो पशुओं की तस्करी हो रही है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीमें गठित की गई थी। इंस्पेक्टर लंका तेज बहादुर सिंह मुखबिर की सूचना के बाद बुधवार की सुबह डाफी टोल प्लाजा के पास वाहनों की चेकिंग करने लगे।
इलाहाबाद की ओर से आ रही एक पिकअप को रोक कर तलाशी ली गई तो उसमें से 43 बोरों में भरकर ले जाए जा रहे दो हजार वन्य जीव कछुआ बरामद किए गए। मौके से सुल्तानपुर के पीपरपुर, पकड़ी निवासी राजू और अजय को गिरफ्तार कर किया गया।
मौके वन्य जीव के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया और कछुओं को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया। सभी सुंदरी और कटहवा प्रजाति के कछुए हैं। ये कछुआ पूर्वांचल और यूपी में पाए जाते हैं।
गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह, एसआई घनानंद सिंह, का. हरिशंकर यादव, सुजीत सिंह आदि शामिल थे। एसएसपी ने बरामदगी करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।