संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति आवास के पास से गुरुवार की रात फायरिंग कर रहे पांच-पांच हजार के तीन इनामी बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों की शिनाख्त बागबरियार सिंह के महावीर अग्रहरि व कृष्णचंद्र यादव उर्फ लालू और सेनपुरा के किशन कुमार गुप्ता के तौर पर हुई है।
इस दौरान पुलिस को दो बदमाश चकमा देकर भाग निकले। दोनों की शिनाख्त चंदन सोनकर और हरिश्चंद्र यादव उर्फ पांड़े यादव के तौर पर हुई है। महावीर, लालू और किशन के पास से पुलिस ने दो कट्टा, दो कारतूस और चार मोबाइल बरामद कर शुक्रवार को जेल भेज दिया।
एसपी (सिटी) दिनेश कुमार सिंह ने पुलिस कार्यलय में बताया कि 20 मई की रात सेनपुरा क्षेत्र में छह बदमाशों ने लूट की नीयत से सिगरा निवासी साइकिल कारोबारी को गोली मारी थी। सीओ चेतगंज राजकुमार यादव के नेतृत्व में चेतगंज इंस्पेक्टर ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से बदमाशों को चिह्नित किया।
गुरुवार की रात इंस्पेक्टर चेतगंज को मुखबिर से सूचना मिली कि संदिग्ध प्रतीत हो रहे कुछ लोग संस्कृत विवि के कुलपति आवास के समीप मौजूद हैं। सूचना पर इंस्पेक्टर चेतंगज ने पुलिसकर्मियों को लेकर घेरेबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों में से एक ने फायरिंग की लेकिन पांच-पांच हजार के इनामी दबोच लिए गए जबकि चंदन लकड़ी मंडी चौकाघाट और हरिश्चंद्र आईटीआई की ओर भाग निकला।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि साइकिल कारोबारी को गोली मारने के दौरान सोनू जायसवाल, चंदन और हरिश्चंद्र भी था। साइकिल कारोबारी के पास रुपया नहीं था इसलिए सभी उसे छोड़कर भाग निकले थे। सोनू सिगरा स्थित सराफा दूकान में डकैती डालने के प्रयास के आरोप में जेल में है। पांचों वारदात को अंजाम देने की योजना बना ही रहे थे कि गिरफ्तार कर लिए गए।
सिगरा की सराफा दूकान में डकैती के प्रयास में भी थे शामिल
पुलिस की पूछताछ में तीनों इनामी बदमाशों ने बताया उनके गिरोह का सरगना चंदन सोनकर है। महावीर योजना बनाता है और किशन का काम रास्ता बताना और असलहा व गाड़ी मुहैया कराना रहता है। बताया कि चंदन के साथ सभी ने जौनपुर में 12 लाख की लूट की थी। जौनपुर के ही चंदवक में चंदन दो बदमाशों के साथ दो व्यक्तियों की हत्या किया था।
28 अप्रैल को सिगरा क्षेत्र की सराफा दूकान में दिनदहाड़े डकैती का जो प्रयास हुआ था उसमें भी चंदन, सोनू और गिरोह के अन्य सदस्य शामिल थे। बताया कि इधर लगातार दो वारदातों में एक रुपया भी हाथ नहीं आया। ऊपर से सोनू की जमानत के लिए रुपयों का इंतजाम करना था।
इसी वजह से सभी फिर जुटे थे और कहीं न कहीं लूट की वारदात को जरूर अंजाम दिया जाता। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्त में आए तीनों बदमाश के आपराधिक इतिहास के बारे में रेंज के अन्य जिलों से भी जानकारी मांगी गई है।