वाराणसी के बड़ागांव थानाक्षेत्र के रामसिंहपुर गांव के सामने पंचकोशी रोड पर पान की गोमती के बगल में सोये दोई बाबा उर्फ अरूण सिंह (46) की अज्ञात अपराधियों ने बीती रात गला रेतकर हत्या कर दी। बाबा मात्र 17 साल की उम्र में घर छोड़ जोगी बन गए थे।
गेरुआ वस्त्रधारी बाबा अरुन सिंह उर्फ दोई बाबा मूल रूप से रामसिंहपुर गांव के रहने वाले थे। बाबा अविवाहित रहते हुये पूजा पाठ के साथ गांव के समीप एक गुमटी में चाय-पान की दुकान कर अपना और अपने परिवार का जीवीकोपार्जन करते थे। बाबा घर नहीं जाते थे । दुकान पर ही घर से खाना आता था जिसे खाकर वह सो जाते थे।
हमेशा की तरह शुक्रवार रात को उनका छोटा भाई प्रदीप खाना लेकर आया और वह खाकर दुकान के बाहर चौकी पर सो गये । बताया जा रहा है कि रात करीब एक बजे के आसपास अज्ञात हत्यारों ने नींद में सोये बाबा की गला रेत कर हत्या कर दी ।
सुबह टहलने निकले लोगों ने बाबा की खून से लथपथ लाश को देखकर परिजनों एवं पुलिस को सूचना दी। सूचना पर परिवार वाले और आसपास के गांवों से भारी भीड़ वहां जमा हो गई। वहीं स्थानीय पुलिस सूचना के घंटों बाद मौके पर पहुंची । पुलिस को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। तनाव को देखते हुए एक कंपनी पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स बुला ली गयी ।
हत्या की सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी, एसडीएम पिंडरा, सहित डाग स्क्वायड एवं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गयी है। डाग स्क्वायड का कुत्ता पास के एक ईंट भट्ठे पर जाकर रूक गया ।
ग्रामीणों के विरोध को देखते एस डी एम पिंडरा ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रूपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया । वहीं एसपी ग्रामीण ने घटना के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए ।
पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस कई बिंदुओं को लेकर घटना की जांच कर रही है । बाबा के छोटे भाई प्रदीप सिंह के तहरीर पर बडागांव पुलिस ने दो नामजद सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच में जुट गयी है।