इनामी अपराधियों को पकड़ने में नाकाम हो रही पुलिस चुनाव के मद्देनजर किशोरों को भी गुंडा एक्ट में पाबंद कर दे रही है। ऐसा ही एक मामला कैंट थाने से जुड़ा है। कैंट पुलिस ने सिकरौल निवासी 15 वर्षीय किशोर पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय जेएम सिंह ने जारी नोटिस में किशोर को आठ फरवरी को कोर्ट में हाजिर होकर 30 हजार का जमानतदार और व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने को कहा है।
किशोर के खिलाफ गुंडा एक्ट लगाने के आधार के तौर पर उसके विरुद्ध एक मुकदमा, एक एनसीआर और सीआरपीसी की निरोधात्मक कार्रवाई 110 का उल्लेेख किया गया है। उक्त किशोर को गिरोह का सरगना भी बताया गया है और समाज में उसके दुस्साहसिक व खतरनाक होने की बात बताई गई है।
साथ ही, उसकी गतिविधियों से सनसनी और समाज को खतरा बताते हुए और उसके खिलाफ किसी के द्वारा गवाही नहीं देने का हवाला देते हुए थाने के एसआई ने गुंडा एक्ट में पाबंद करने की संस्तुति की है।
जबकि, किशोर के पिता का आरोप है एक डिग्री कालेज के सहायक प्रोफेसर से पुरानी रंजिश को लेकर पुलिस ने साजिशन उसके बेटे को फंसा दिया। गुंडा एक्ट में पाबंद करने के पूर्व ही आईजी जोन और एसएसपी से पुत्र को फंसाने की आशंका जताई थी, इसके बावजूद गुंडा एक्ट लगा दिया गया।
अब किशोर का पिता न्याय के लिए कचहरी का चक्कर लगा रहा है। बता दें कि उक्त किशोर की जन्मतिथि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी की गई कक्षा आठ की मार्कशीट के अनुसार दो अगस्त 2002 है। इस बारे में कैंट इंस्पेक्टर अबरार अहमद ने बताया कि संबंधित के खिलाफ दो मुकदमे 2015 में ही दर्ज थे और हमारे पास मौजूद प्रमाण के अनुसार वह 19 साल का है।