वाराणसी के लोहता क्षेत्र के एक गांव में पांच साल की दलित बच्ची से दुराचार का मामला सामने आया है। दुराचार के बाद आरोपी किशोर ने उसे मरा समझकर नाले के पास फेंक दिया था। घटना सोमवार की रात की है।
मंगलवार की सुबह निर्वस्त्र पड़ी मासूम पर गांव के ही एक युवक की नजर पड़ी तो उसने परिवारीजनों को सूचना दी। मासूम के हाथ-पैर बंधे थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मंडलीय अस्पताल में मासूम का उपचार कराया। उसकी शिनाख्त पर आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बच्ची के पिता की पान की दूकान पर आरोपी किशोर रोजाना आकर बैठा करता था। सोमवार की शाम वह मासूम को घुमाने के बहाने घर से ले गया था।
रात होने पर भी मासूम घर नहीं लौटी तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की। आरोपी किशोर से पूछा गया तो वह भी उनके साथ खोजबीन में जुट गया लेकिन मासूम का पता नहीं चला।
सुबह समीप के ही नाले के किनारे उसके निर्वस्त्र पड़े होने की सूचना मिली तो परिवारवाले हैरान रह गए।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मासूम को मरा समझकर फेंका था। उसके ही कपड़े से उसके दोनों हाथ-पैर बांध दिए थे। किसी को उस पर शक न हो इसलिए वह भी उसके घरवालों के साथ खोजबीन में जुटा था। थानाध्यक्ष लोहता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुराचार, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। मंडलीय अस्पताल में आरोपी के अलावा बच्ची का मेडिकल मुआयना कराया गया। उपचार के बाद बच्ची को उसके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया।