बनारस के छावनी क्षेत्र स्थित होटल रेडिसन में युवती के साथ सामूहिक दुराचार के आरोपी डॉ. आशुतोष अस्थाना को रविवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार 15 हजार के इनामी डॉ. आशुतोष को रविवार को सर्किट हाउस के सामने से गिरफ्तार कर किया गया है।
वहीं, इसी मामले में शनिवार को अदालत में समर्पण करने वाले इंडो-थाई विमानन कंपनी के मैनेजर सत्येंद्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में पुलिस जुट गई है।
बाबतपुर एयरपोर्ट पर एक निजी विमानन कंपनी में कार्यरत युवती ने कैंट थाने में दो अप्रैल को सामूहिक दुराचार, आपराधिक षड्यंत्र, जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था।
पीड़िता का आरोप है कि बाबतपुर एयरपोर्ट पर तैनात रहे डॉ. आशुतोष ने उसे होटल रेडिसन में बिजनेस डील के बहाने बुलाया। इसी दौरान बार में बीयर में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया गया।
अर्धचेतना में होने पर उसके साथ होटल के चतुर्थ तल स्थित कमरे में डॉ. आशुतोष, सत्येंद्र और ट्रेवल एजेंट आबिद ने दुराचार किया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में बताया कि दो आरोपी आबिद और सत्येंद्र जेल में हैं।
क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से कादीपुर निवासी डॉ. आशुतोष के बारे में जानकारी एकत्र की। रविवार की सुबह पता लगा कि वो सर्किट हाउस के सामने दैत्राबीर बाबा मंदिर के पास एक कार में मौजूद है।
इस सूचना पर क्राइम ब्रांच टीम ने घेरेबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। मामले की संवेदनशीलता और डॉ. आशुतोष के फरार होने की वजह से उस पर 15 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
दिसंबर में होनी थी शादी, सकते में परिजन
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गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार किए गए डॉ. आशुतोष के परिजन सकते में हैं। आगामी दिसंबर महीने में डॉ. आशुतोष अपनी प्रेमिका से शादी करने वाला था। वहीं, पुलिस अभिरक्षा में डॉ. आशुतोष ने कहा कि उसके खिलाफ साजिश रची गई है। जिस कमरे में युवती को ले जाया गया था उसमें होटल रेडिसन का स्टाफ भी गया था। उसका कैरियर, जीवन और परिवार सब कुछ बर्बाद हो गया।
वहीं कैंट थाने में दो अप्रैल की रात मुकदमा दर्ज होने के बाद चार अप्रैल को दैनिक समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित हुआ तो डॉ. आशुतोष शहर में छिप गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आशुतोष आगरा भाग गया था।
इसके बाद फैजाबाद, अंबेडकरनगर होते हुए गोरखपुर पहुंचा और यहां से काठमांडू निकल गया। आशुतोष के पास उसका पासपोर्ट भी था और वो काठमांडू से बैंकाक भागने की तैयारी में था।
उधर डॉ. आशुतोष ने बताया कि वो आगरा, खजुराहो और बनारस में एयरपोर्ट पर काफी बार खोल चुका था। सत्येंद्र को सारे बार की जानकारी है। अब वो एयरफोर्स के एयरबेस की सफाई का ठेका लेने की तैयारी में था।
27 मार्च को होटल रेडिसन में एक अधिकारी को आना था जिससे सफाई ठेके की बातचीत होती लेकिन वो नहीं आया। पुलिस हालांकि यह पता नहीं लगा सकी कि किस अधिकारी को आना था।
वहीं, पुलिस के अनुसार ऐसे प्रमाण मिले हैं जिनके अनुसार आशुतोष और सत्येंद्र अपने कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए युवतियों का सहारा लेते थे। गैंगरेप प्रकरण में होटल रेडिसन प्रबंधन की भूमिका की पुलिस की जांच जारी है।
इस संबंध में एसपी सिटी ने बताया कि दर्ज मुकदमे में आपराधिक षड्यंत्र की भी धारा शामिल है। मामले में होटल प्रबंधन की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।