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वाराणसी डकैती कांडः 96 घंटे की महामशक्कत के बाद हत्थे चढ़े दो बदमाश

Thu, 13 Apr 2017 10:49 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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सनसनीखेज वारदात के खुलासे के करीब पहुंची पुलिस - फोटो : file
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चौक थाने से चंद कदम दूर ठठेरी बाजार मोड़ स्थित सर्राफ संजय अग्रवाल की दूकान में शनिवार को दिनदहाड़े डकैती डालने के दो आरोपी बुधवार को क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गए। ये दोनों बदमाश चौक और दालमंडी क्षेत्र से हिरासत में लिए गए। उनके पास से लूटे गए जेवरात का कुछ हिस्सा भी बरामद हुआ है।
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हालांकि अधिकृत तौर पर पुलिस ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। सूत्रों का दावा है कि हत्थे चढ़े बदमाशों से पूछताछ के आधार पर वारदात में शामिल बाकी बदमाशों को दबोचने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। पूछताछ के लिए उनके नौ सगे-संबंधियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

बीते शनिवार को दोपहर बाद 4:20 बजे बदमाशों ने सर्राफ संजय की दूकान में दिनदहाड़े डाका डालकर सनसनी मचा दी थी। असलहे से धमकाकर साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक कीमत के जेवरात लूट ले गए थे। 96 घंटे की महामशक्कत के बाद क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें अब बदमाशों के करीब पहुंच चुकी हैं।
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सीसीटीवी फुटेज, जेल में निरुद्ध बदमाशों से हुई पूछताछ और छानबीन में हाथ लगे तथ्यों के आधार पर मंगलवार की देर रात एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने चौक और दालमंडी क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश दी। बुधवार की तड़के यहां से दो बदमाश दबोच लिए गए।

पुलिस सूत्रों की मानें तो सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से दोनों के बारे में पुष्टि करने के बाद सर्राफ से उनकी शिनाख्त भी कराई गई। दोनों से पूछताछ में बाकी बदमाशों के बारे में भी अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं।

एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि ठोस जानकारियां हाथ लगी हैं। जल्द से जल्द सभी बदमाशों की गिरफ्तारी और जेवरात की बरामदगी के साथ पुलिस घटना का खुुलासा करेगी।

बता दें कि शासन स्तर से मॉनीटरिंग के बाद मामले की तफ्तीश में जुटी क्राइम ब्रांच, एसटीएफ और तेजतर्रार थानेदारों की 16 टीमें अब तक 50 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। 

रईस और सनी के गुर्गों ने डाला था डाका

पुलिस ने कुछ डकैतों के स्केच जारी किए। - फोटो : अमर उजाला
सर्राफ संजय अग्रवाल की दूकान में डाका डालने वाले बदमाश बाहरी नहीं, बल्कि आसपास के इलाके के ही हैं। दालमंडी और चौक क्षेत्र से हत्थे चढ़े दो बदमाशों की पूछताछ के अलावा सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए इनके बारे में कई अहम जानकारियां पुलिस को मिली हैं।

वारदात के बाद से ही घर छोड़कर भागे इन बदमाशों का नाम पहले भी छिटपुट वारदातों में सामने आता रहा है। इनमें कुछ रईस बनारसी तो कुछ पिछले साल मुठभेड़ में मारे गए सनी सिंह के शार्गिद रह चुके हैं।

चौक और दालमंडी क्षेत्र में लंबे समय तक रईस बनारसी और सनी सिंह का दखल था। सनी के मारे जाने के बाद उसके गिरोह की तो कमर टूट गई लेकिन दो साल पहले पुलिस कस्टडी से भागे रईस का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

चोरी-छिपे उसके दालमंडी, चौक इलाके में आने की सूचनाएं भी सामने आती रहीं। हालांकि पुलिस उसकी गतिविधियों से हमेशा इनकार ही करती रही है। सूत्रों की मानें तो सनी और रईस गैंग के गुर्गों ने पूरी प्लानिंग के साथ डकैती की वारदात को अंजाम दिया। सभी आसपास के ही रहने वाले हैं।

उन्हें इलाके की पूरी जानकारी का फायदा हुआ। वारदात को अंजाम देने के बाद चौक-मैदागिन मार्ग से न भागकर उन्होंने गोविंदपुरा की गली पकड़ी और अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर दालमंडी पहुंचे। बदमाशों की शिनाख्त के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी में जुटी है।

 
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...तो क्या 12 किलोग्राम सोना नहीं लूटा गया था



हत्थे चढ़े दोनों बदमाशों ने पूछताछ में पुलिस को जानकारी दी है कि सर्राफ संजय अग्रवाल के यहां से 12 किलोग्राम नहीं बल्कि चार किलोग्राम सोने के जेवरात लूटे गए थे। बता दें कि वारदात के बाद सर्राफ ने लूटे गए जेवरात के वजन और कीमत के संबंध में कई बार बयान बदला था। पुलिस का कहना है कि सभी बदमाशों के दबोचे जाने के बाद ही वास्तविकता सामने आएगी।

पूछताछ के लिए मुगलसराय से उठाए गए संदिग्ध
सराफा दूकान में हुई डकैती के मामले को लेकर मंगलवार की रात मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र से कुछ संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया। बताया जाता है कि इनमें एक पहले भी डकैती की वारदात में शामिल रह चुका है। हालांकि इस बारे में पुलिस ने किसी तरह की जानकारी देने से इनकार किया। 
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