वाराणसी के राजघाट क्षेत्र स्थित एक आश्रम में शादी के बाद गुरुवार को ससुराल जाते समय दो दूल्हनें कैंट स्टेशन से फरार हो गईं। बेटों की शादी के लिए परिवार हरियाणा से यहां आया था। दूल्हनों को विदा कराकर परिवार के लोग कैंट पहुंचे।
पूर्वा एक्सप्रेस से उन्हें हरियाणा के भिवानी जाना था। देर तक इंतजार के बाद भी जब दूल्हनों का पता नहीं चला तो परिवार ने जीआरपी से गुहार लगाई लेकिन बदनामी के डर से बिना रिपोर्ट लिखाए लौट गए। पता चला कि दलाल ने इस शादी के बहाने वर पक्ष से 60 हजार रुपये ऐंठे थे।
जीआरपी में शिकायत करने पहुंचे भिवानी के अनिल ने बताया कि कुछ दिनों पहले मंटू गुप्ता नामक शख्स से उनकी मुलाकात हुई थी। मंटू ने खुद को वाराणसी का निवासी बताते हुए उनसे उनके भाई सोम प्रकाश उर्फ राजू की शादी के लिए बात की।
फिर राजू के दोस्त सुनील का भी रिश्ता तय कराया और इसके बदले में 60 हजार रुपये लिए। मंटू के बुलावे पर शादी के लिए परिवार बनारस आया था। यहां राजघाट क्षेत्र स्थित एक आश्रम में दोनों की शादी हुई। इसके बाद दोनों दूल्हनों को विदा कराकर अनिल का परिवार कैंट स्टेशन पहुंचा।
पूर्वा एक्सप्रेस से उन्हें जाना था। तभी कथित मंटू गुप्ता ने दोनों दूल्हनों को अपने भाइयों से मिलकर आने को कहा। फिर दोनों दूल्हनें गईं तो वापस नहीं आईं। इस बीच मंटू भी रफुचक्कर हो गया।
कैंट जीआरपी के मुताबिक दूल्हनों के भागने की मौखिक शिकायत की गई लेकिन कोई तहरीर नहीं दी गई। परिवार बदनामी के डर से बिना मुकदमा दर्ज कराए लौट गया।