खेतासराय थाना क्षेत्र के चौकिया गुरैनी निवासी तलाक पीड़ित महिला को तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाना अब भारी पड़ रहा है। पीड़ित महिला आयशा का आरोप है कि उसे अपने ही समाज के लोगों से धमकी मिल रही है। महिला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है।
खेतासराय के बारा गांव की आयशा का निकाह चौकिया गुरैनी निवासी फैज के साथ हुई थी। करीब दो साल पहले फैज ने दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी आयशा ने न्यायालय में दहेज उत्पीड़न का केस दाखिल किया है। वह अपनी ससुराल में सास रुखशाना के साथ ही रहती है।
इधर बीच जब तीन तलाक का मामला तूल पकड़ा तो महिला ने इसे खत्म करने की मांग करते हुए पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। एस सप्ताह पूर्व पीएम को भेजे पत्र के बाद आयशा का दर्द मीडिया में आया तो उसके ही समाज के कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगा।
आयशा का आरोप है कि प्रधान और उनके समर्थकों ने तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने पर धमकी दे रहे हैं । महिला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुरक्षा की मांग की है । वहीं ग्रामप्रधान रियाजुल हक़ का कहना है की फैज़ की दूसरी पत्नी और मायके वाले शनिवार की सुबह मेरे पास आए थे ।
ग्राम प्रधान होने के नाते बातचीत करने उनके साथ वह फैज़ के घर गए थे । धमकी की बात बेबुनियाद है। आयशा के अधिवक्ता बाल किशन मिश्रा का कहना है कि आयशा ने उन्हें फोन बताया है कि तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाना उन्हें अब भारी पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों की तरफ से उन्हें धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को महिला कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी। उधर शाहगंज के क्षेत्राधिकारी रामभुवन यादव का कहना है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है।
अगर महिला को किसी से धमकी मिल रही है तो उसे थाने में तहरीर देनी चाहिए। तहरीर मिली तो पुलिस कार्रवाई करेगी।