यूपी के मिर्जापुर जिले के पहाड़ी व तुलसी नदी में उफान आने से गुरुवार को विंध्याचल के लेहड़िया व लालगंज के सेमरा प्रताप गांव में सात लोग बह गए। ग्रामीणों की मदद से खोजबीन के बाद एक शव को बरामद कर लिया गया, जबकि एक भाई-बहन को बचा लिया गया है। लापता लोगों की तलाश जारी है।
विज्ञापन
सूचना के बाद जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक आलाधिकारी के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। विंध्याचल थाना क्षेत्र के लेहड़िया गांव निवासी शेषमणि अपने घर से कुछ दूरी पर खेत में मकान बना कर परिवार रहता था।
बुधवार की रात वह अपनी पत्नी श्याम कुमारी, बेटे विजय कुमार, छोटी बेटी गुड़िया, बड़ी बेटी चंद्रावती उसके दो बच्चे अंकेश व आकांक्षा के साथ मकान में था। रात करीब दस बजे शेषमणि सामान लेकर पुराने घर पर आ गया। लगभग 11 बजे अचानक पहाड़ी नदी में पानी बढ़ने लगा।
विज्ञापन
देखते ही देखते बहाव में शेषमणि की पत्नी श्याम कुमारी (50), बेटा विजय कुमार (30) छोटी बेटी गुड़िया 15, बड़ी बेटी चंद्रावती 25, नाती अंकेश दो वर्ष, नतिनी आकांक्षा पांच वर्ष पानी की धारा में बह गए। घटना की जानकारी होते ही गांव के लोगों ने रात में पुलिस व जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराया।
जानकारी होने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटना स्थल के लिए रवाना हो गए, लेकिन रात में चारों तरफ पानी भरने के कारण पुलिस वहां तक नहीं पहुंच पाई और दूर से असहाय होकर पानी कम होने का इंतजार करती रही। सुबह होने पर उनकी खोजबीन शुरू की तो श्याम कुमारी की घटना स्थल से थोड़ी दूर पर शव मिल गया।
सुबह जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे व पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। दोनों अधिकारी शव की तलाश कराने में जुट गए। इसी प्रकार लालगंज थाना क्षेत्र के सेमरा प्रताप गांव निवासी बैजनाथ बिंद 70 वर्ष खेत में सरपत का छाता लगा कर अपने खेत में बुधवार की रात में सोये थे।
इसी बीच तुलसी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। जिसके बहाव के चपेट में आकर वह बह गए। वहीं उनके घर में पानी भरने के कारण पूरा परिवार घर छोड़ कर भाग गया। बैजनाथ का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।
पहाड़ी नदी में उफान आने पर शेषमणि के बेटे विजय कुमार व उसकी बेटी गुड़िया एक पेड़ पर चढ़ गए। जिससे वह डूबने से बच गए जबकि चंद्रावती अपने बच्चों के साथ समय से सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच पाई। जिससे चंद्रावती अपने बेटे अंकेश दो वर्ष, बेटी आकांक्षा पांच वर्ष के साथ पानी में बह गए। जिनका अभी तक कोई पता नहीं है।
तुलसी नदी में उफान आने से क्षेत्र के नदनी, तुलसी, मिश्रपटटी, पांडेयुपर, धरसिया, बरबड़ा, दुबार, कोलकम, अमोई, कचरिया, लालगंज, लालापुर, रजई, मानिकपुर, जगदीशुपर, आदि लगभग तहसील क्षेत्र के दो तिहाही गांवों में पानी भर गया है। गांव में पानी भरने से लोग अपने छतों पर शरण लिए हुए हैं।
लालगंज के जिहुनिया गांव निवासी रामधनी व छांगुर का तेज बारिश के चलते मकान ढहने से आठ गाय व 40 बकरियां दब कर मर गईं। मौके पर पहुंचे लोगों ने मलबा हटा कर दबे अन्य पशुओं को बाहर निकाला। हादसे में परिवार के किसी सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।