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बनारस में करोड़ों की हेरोइन की तस्करी की कोशिश नाकाम, तीन नशा तस्कर गिरफ्तार

Mon, 30 Oct 2017 10:57 AM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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थाने में तस्कर - फोटो : अमर उजाला
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बांग्लादेश की सीमा से तस्करी कर लाई गई 7.15 किलोग्राम हेरोइन के साथ तीन तस्करों को दबोच लिया गया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। शनिवार को राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने कैंट रेलवे स्टेशन के सामने से यह गिरफ्तारी की।
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दोनों महिलाओं ने अपने शरीर में हेरोइन के पैकेट बांध रखे थे। बरामद हेरोइन की कीमत 21.45 करोड़ रुपये बताई गई है।डीआरआई के सीनियर इंटेलिजेंस अफसर आनंद राय ने रविवार को बताया कि पश्चिम बंगाल से सटी बांग्लादेश की सीमा से हेरोइन की खेप आने की सूचना मिली थी।

इसके आधार पर शनिवार को उन्होंने लेखराज, पंकज कुमार और मो. आसिफ के साथ कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर घेरेबंदी कर तीन तस्करों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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इनकी पहचान इनकी शिनाख्त बाराबंकी निवासी अताउद्दीन और पश्चिम बंगाल के उत्तर परगना की सोमा देवी व रूमा बिश्वास के तौर पर हुई है। आनंद राय ने बताया कि तस्करों के गिरोह का सरगना अशरफ शेख है।

अशरफ को वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया गया था मगर इन दिनों वह जमानत पर बाहर है। अशरफ पश्चिम बंगाल के मालदा, कालिया चक और मुर्शिदाबाद से हेरोइन की खेप लाकर पूर्वांचल, बिहार के तस्करों को बेचता है। 
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महिलाओं के जरिये आसानी पहुंचती है खेप

डेमो - फोटो : डेमो ‌प‌िक
पूछताछ में अताउद्दीन ने बताया कि मालदा से मुगलसराय और वाराणसी तक का रूट पुलिस समेत सारी एजेंसियों की निगरानी में रहता है। इसी वजह से अब महिलाओं के जरिये तस्करी शुरू की गई है।

ट्रेन में आने-जाने वाली महिला तस्करों पर किसी को शक नहीं होता है और हेरोइन की खेप आसानी से निर्धारित स्थान तक पहुंच जाती है। गरीब तबके की महिलाओं को रुपये का लालच देकर उनसे मादक पदार्थों की तस्करी कराई जाती है।

इन महिलाओं को पहले सिर्फ आने-जाने का किराया और रास्ते का खर्च दिया जाता है। तस्करी की खेप जब निर्धारित स्थान तक पहुंचा कर महिलाएं लौट आती हैं तब उन्हें बाकी रुपये एजेंट के माध्यम से दिए जाते हैं।
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