बलिया के सिंकदरपुर कस्बे के संघ स्थान के समीप शनिवार की देर शाम मेला देखने जा रही महिलाओं के साथ दूसरे समुदाय के लोगों के छींटाकशी करने से शुरू हुए मारपीट व पथराव की घटना ने रविवार को बड़े बवाल का रूप ले लिया।
भीड़ ने बाजार की कई दूकानों में तोड़फोड़ के बाद आगजनी कर कई बाइक और ई-रिक्शा को फूंक दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर व आंसू गैस के गोले छोड़कर हालत पर काबू पाने की कोशिश की पर देर शाम तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आई थी। डीआईजी और कमिशनर भी मौके पर पहुंच गए हैं।
रविवार की सुबह दूसरे पक्ष द्वारा पथराव करने की अफवाह फैसले पर एक समुदाय के लोगों ने जुलूस के दौरान जमकर बवाल किया और कस्बे केएक सभासद की दूकान पर हमला कर दिया।
इस दौरान कई दूकानों के शेड तोड़ दिए गए। पुलिस ने किसी तरह शांति कराई कि शाम होते ही एक बार फिर हमले की अफवाह के बाद सड़क पर उतरी भीड़ ने कई बाइकों, ई-रिक्शा को क्षतिग्रस्त कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
यहीं नहीं कई दूकानों में भी आगजनी की गई। हालात पर काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े। इस दौरान बवाल में सुनील कुमार (25), मुकेश कुमार (37), लखन गुप्ता (24), डब्लू गुप्ता (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत की जानकारी होते ही डीआईजी व कमिशभनर भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। देर शाम उन्होंने सिकंदरपुर थाने में दोनों पक्षों के साथ बैठक की।
वाराणसी के एडीजी जोन बी महापात्रा ने बताया कि सिकंदरपुर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। मंडलायुक्त और डीआईजी आजमगढ़ मौके पर हैं। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पेट्रोलिंग जारी है। जिसने भी माहौल को बिगाड़ा या इसकी साजिश रची है, सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। -