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तमिल गिरोहः न असलहा न वाहन, फिर भी सरेआम अंजाम देते हैं वारदात

Fri, 13 Apr 2018 11:08 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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लंका की तरह 2015 में इसी गिरोह ने लखनऊ में एटीएम कैश वैन से उड़ाए थे 1.35 करोड़ - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के लंका में एटीएम कैश वैन से 26.50 लाख ले भागने के मामले में पुलिस के निशाने पर आए तमिल गिरोह की जड़ें वाराणसी और पूर्वांचल ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों तक फैली हैं। आसपास के प्रांतों में भी गिरोह सक्रिय है। वारदात के तत्काल बाद यह गिरोह शहर छोड़ देता है और फिर अगले कुछ महीनों तक वहां नजर नहीं आता।
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वारदात के बाद भागने के लिए गिरोह के सदस्य सीधे आसपास के कस्बों के रेलवे स्टेशनों पर पहुंचते हैं। उन्हें हिंदी, भोजपुरी, राजस्थानी, पंजाबी, बांग्ला, उड़िया और अंग्रेजी बोलने के लिए बाकायदा प्रशिक्षित किया जाता है लेकिन जब वे पुलिस की पकड़ में आते हैं या फिर कहीं पुलिस उनसे कुछ पूछताछ करती है तो वे सिर्फ तमिल में जवाब देते हैं।
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गिरोह की मॉडस आपरेंडी पहली बार पुलिस के सामने तब आई थी जब वर्ष 2015 में तमिल गिरोह ने लखनऊ में एटीएम कैश वैन के कर्मचारियों को बातों में उलझाकर 1.35 करोड़ रुपये ले भागे थे।

उस समय लखनऊ में तैनात रहे एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि छानबीन में सामने आया कि वारदात को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रामजी नगर गांव निवासी बदमाशों ने अंजाम दिया था। तफ्तीश के लिए उन्होंने छह दिन तक तिरुचिरापल्ली के रामजी नगर गांव में कैंप किया था।

वहां जानकारी हुई कि इसी इलाके का गिरोह देश भर में घूम फिर कर वारदातों को अंजाम देता है। गिरोह की तरफ से स्थानीय स्तर पर इन्हें हिंदी के साथ ही भोजपुरी, राजस्थानी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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बगैर किसी असलहे और वाहन के पैदल घूमने वाले इस गिरोह के सदस्य अपने इलाके को छोड़ कर देश भर में एटीएम कैश वैन से रुपये ले भागने और बैंक से रुपये लेकर निकलने वालों को निशाना बनाते हैं। मौजूदा समय में इस गिरोह के कई सदस्यों ने कोलकाता और ओडिशा के भुवनेश्वर में भी अपने ठिकाने बना लिए हैं।
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पुलिस का पहला शक वैन कर्मियों पर था मगर...

कैश ले भागने में माहिर, वारदात के बाद सीधे भागते हैं आसपास के दूसरे रेलवे स्टेशनों पर - फोटो : अमर उजाला
तमिल गैंग वारदात को अंजाम देने के बाद सीधे रेलवे स्टेशन की ओर भागता है और मंगलवार की रात भी लंका में कैश वैन से 26.50 लाख लेकर भागने के बाद बदमाशों ने ऐसा ही किया था। लेकिन, जब वारदात की सूचना पुलिस को हुई तो सबसे पहले वैन कर्मी ही शक के घेरे में आए।

पुलिस उनसे पूछताछ में उलझी रही। जानकारी जब एसपी सिटी को हुई तो उन्होंने अधिकारियों को लखनऊ में हुई वारदात का हवाला देते हुए गिरोह की मॉडस आपरेंडी बताई। उसके बाद सबसे पहले आसपास के रेलवे स्टेशनों पर पुलिस अलर्ट कर दी गई।
फिर वाहन चेकिंग शुरू कराई गई। कुछ ही घंटों में मुगलसराय रेलवे स्टेशन पहुंचे गिरोह के तीन सदस्य 9.50 लाख रुपये के साथ दबोच लिए गए।

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आरोपियों को रिमांड पर लेगी लंका पुलिस
मामले में गिरफ्तार तमिल गिरोह के इलैंगेश्वर, शिवा एल. और रमेश कुमार को पुलिस जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लंका पुलिस की एक टीम कोलकाता भी रवाना हुई है।

कैश वैन से संबंधित सभी कंपनियों को भेजेंगे पत्र
लंका की घटना में एटीएम में कैश भरने वाली कंपनी के कर्मचारियों की भारी चूक सामने आई है। सिक्योर वैल्यू कंपनी के चालक, कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्ड्स ने तय नियमों का भी पालन नहीं किया। नियमानुसार जिस दौरान एटीएम में कैश भरा जा रहा था उस दौरान, वैन में ड्राइवर और बाहर गन मैन मौजूद होना चाहिए।

वैन के सभी गेट के दरवाजे लॉक होने चाहिए लेकिन ऐसा नहीं था। इस बारे में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि एटीएम में कैश भरने वाली सभी कंपनियों को पत्र भेजकर रिजर्व बैंक के नियमों का पालन करने को कहा जाएगा। क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष औचक निरीक्षण कर इसकी हकीकत परखेंगे। 
 
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